अहमदाबाद: गुजरात में कोविड-19 निषेध क्षेत्रों से बाहर स्थित मंदिर, मस्जिद और गिरजाघर समेत अन्य धार्मिक स्थल दो महीने के बाद सोमवार से सभी ऐहतियाती कदम उठाते हुए अपने दरवाजे श्रद्धालुओं के लिये खोलने की योजना बना रहे हैं. कुछ धार्मिक स्थलों ने सामाजिक मेल-जोल से दूरी बनाए रखने और भीड़ जमा होने से बचने के लिये पाली (शिफ्ट) के अनुसार प्रार्थना आयोजित करने और श्रद्धालुओं को प्रवेश का समय देने के लिये टॉकन प्रणाली शुरू करने का फैसला लिया है.Also Read - रामजन्मभूमि की तीर्थयात्रा करने वाले आदिवासियों को देंगे पांच हजार रुपये देगी गुजरात सरकार, पर्यटन मंत्री मोदी ने किया ऐलान

गिर सोमनाथ जिले में प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर सोमवार से स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा, लेकिन अन्य जिलों के श्रद्धालुओं को दर्शन के लिये 12 जून से ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा. मंदिर न्यास के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से मास्क पहनने, मंदिर परिसर में प्रवेश करने से पहले संक्रमण मुक्त होने और बुजुर्ग लोगों (65 वर्ष से अधिक आयु वाले) तथा बच्चों (10 वर्ष से कम) को साथ न लाने के लिये कहा गया है. Also Read - Gujarat:सूरत में ट्यूशन सेंटर के 8 स्‍टूडेंट कोरोना वायरस से संक्रमित निकले

उत्तरी गुजरात में प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक बनासकांठा जिले का अंबाजी मंदिर 12 जून से खुल जाएगा. यहां श्रद्धालुओं को तीन पालियों में दर्शन की अनुमति होगी. ये पालियां सुबह 7.30 बजे शुरू होकर रात 10.15 बजे समाप्त होंगी. मंदिर न्यास के एक बयान में कहा गया है कि वह आरती की अनुमति नहीं देगा. आगंतुकों को दर्शन के लिये तय समय का टॉकन दिया जाएगा. Also Read - 29 साल की उम्र में पूर्व अंडर-19 कप्तान की दिल का दौरा पड़ने से मौत

मंदिर के अलावा मस्जिद और गिरजाघर भी सामाजिक मेलजोल से दूरी का पालन सुनिश्चित करते हुए इबादत के लिये तैयारियां कर रहे हैं. अहमदाबाद की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में भी पाली के अनुसार शुक्रवार की नमाज पढ़ाई जाएंगी. मस्जिद का प्रबंधन देखने वाली गुजरात चांद समिति के सदस्य अनीस देसाई ने यह जानकारी दी.