नई दिल्लीः रविवार को जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा (Handwara Jammu-Kashmir) में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में भारत के 5 बहादुर जवानों ने अपनी जान गंवा दी. आतंकी मुठभेड़ के दौरान भारतीय सेना के दो अफसर सहित 5 जवान शहीद हो गए. इस मुठभेड़ में जवानों ने दो आतंकियों को भी मौत के घाट उतार दिया. रविवार को हुई इस आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए जवानों में कर्नल आशुतोष शर्मा (Col. Ashutosh Sharma) का भी नाम शामिल है, जो हंदवाड़ा में ऑपरेशन को लीड कर रहे थे. शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा का आज राजकीय सम्मान के सात जयपुर (Jaipur) में अंतिम संस्कार किया गया. Also Read - टिड्डियों को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन के जरिए किया जा रहा कीटनाशक का छिड़काव

बता दें शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा इससे पहले भी ऐसे कई ऑपरेशन लीड कर चुके थे, जिसके लिए उन्हें वीरता के लिए 2 गैलेंट्री अवॉर्ड भी मिल चुके थे. 21 राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर रहे कर्नल आशुतोष शर्मा अपनी वीरता और साहस भरे अभियानों को अंजाम देने के लिए जाने जाते थे. वह रैंक के पहले ऐसे कमांडिंग ऑफिसर हैं, जिसने पिछले पांच सालों में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में अपनी जान गंवाई है. Also Read - Locust Plague Attack: पाकिस्तान से आए खतरनाक टिड्डे दिल्ली, यूपी की ओर बढ़े, अब ड्रोन के इस्तेमाल से खात्मे की हो रही तैयारी

शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा की शहादत पर आज कई आंखें नम हो गईं. कर्नल की अंतिम विदाई के दौरान उनकी मां, पत्नी और बेटी भी शामिल रहीं, जिन्होंने गर्व के साथ उन्हें विदाई दी. परिवार को उनके जानें का गम भी और इसके साथ ही उन्हें अपने पति, बेटे और पापा पर गर्व भी है.

गौरतलब है कि एक बार ऑपरेशन के दौरान जब आतंकी अपने कपड़ों में ग्रेनेड छिपाकर आगे की तरफ बढ़ रहा था, तब शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा कर्नल आशुतोष ने अपनी टीम को सुरक्षित करते हुए आतंकी को काफी नजदीक से गोली मारी थी. शहीद कर्नल आशुतोष को इस बहादुरी के लिए वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.