
Akarsh Shukla
मैं, आकर्ष शुक्ला, पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हूं और वर्तमान में India.com Hindi (ZEE Media) में शिफ्ट इंचार्ज की जिम्मेदारी निभाते हुए नेशनल टीम का नेतृत्व ... और पढ़ें
Writer Arundhati Roy : दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार ने जानी-मानी लेखिका अरुंधति रॉय पर आतंकवाद विरोधी कानून UAPA के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है. 2010 में एक कार्यक्रम में अरुंधति रॉय पर कथित ‘भड़काऊ’ भाषण का आरोप लगा था, जिसके लिए अब दिल्ली के उपराज्यपाल ने अरुंधति रॉय के खिलाफ सख्त गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है. 21 अक्टूबर, 2010 को ‘आजादी-द ओनली वे’ बैनर के तहत राजनीतिक कैदियों की रिहाई समिति द्वारा एक सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें बुकर पुरस्कार विजेता राइटर अरुंधति रॉय ने कार्यक्रम में कथित तौर पर देश विरोधी बयान दिया. दर्ज की गई एक FIR में अरुंधति रॉय समेत कई वक्ताओं पर सम्मेलन में ‘भड़काऊ’ भाषण देने का आरोप लगाया गया था.
राज निवास के अधिकारी ने बयान में कहा कि दिल्ली एलजी ने 2010 में एक कार्यक्रम में ‘भड़काऊ’ भाषण के लिए अरुंधति रॉय के खिलाफ यूएपीए के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है. रिपोर्टों के अनुसार सम्मेलन में अरुंधति ने कथित तौर पर जोर देकर प्रचारित किया कि कश्मीर कभी भी भारत का हिस्सा नहीं था और सशस्त्र बलों द्वारा जबरन कब्जा कर लिया गया था. कार्यक्रम के तुरंत बाद, सम्मेलन में उत्तेजक भाषण देने के लिए अरुंधति और अन्य स्पीकर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई थी.
पिछले साल अक्टूबर में एलजी ने अरुंधति रॉय पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराधों के लिए सीआरपीसी की धारा 196 के तहत उन पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी. जिनमें 53ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा, आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिकूल कार्य करना), 153बी (आरोप, राष्ट्रीय-एकीकरण के लिए प्रतिकूल दावे) और 505 (बयान) सार्वजनिक शरारत को बढ़ावा देना) समेत धाराएं शामिल थीं. अरुंधति रॉय और हुसैन ने 21 अक्टूबर, 2010 को यहां कॉपरनिकस मार्ग स्थित एलटीजी ऑडिटोरियम में ‘आजादी-द ओनली वे’ के बैनर तले आयोजित एक सम्मेलन में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिए थे. अधिकारी ने कहा, ‘सम्मेलन में जिन मुद्दों पर चर्चा की गई और बात की गई, उन्होंने कश्मीर को भारत से अलग करने का प्रचार किया.’
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.