दिल्ली: ‘आई लव यू’ शब्द हमेशा ही रोमांचित करने वाला रहा है. इस बार एक किताब की शक्ल में आए ये शब्द लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. युवा लेखक कुलदीप राघव की ‘आई लव यू’ कुछ दिन पहले ही लॉन्च हुई और कुछ दिन में ही बेस्ट सेलिंग बन गई. नॉवेल का पहला-दूसरा एडिशन ख़त्म हो चुका है. बॉलीवुड से जुड़े कुछ फिल्मकार भी नॉवेल की तारीफ कर चुके हैं. कुलदीप द्वारा रचे गए इस नॉवेल की कहानी की चर्चा की जा रही है. किताब का तीसरा संस्करण जल्द ही आएगा. किताब बेस्ट सेलिंग बन चुकी है.

काल्पनिक है आई लव यू की कहानी
लेखक के तौर पर पहचान बना रहे पत्रकार कुलदीप राघव नोएडा में रहते हैं. वह एक लीडिंग मीडिया हाउस से जुड़े हैं. कुलदीप बताते हैं कि ‘आई लव यू’ कम समय में काफी आगे बढ़ी है. लोग पसंद कर रहे हैं. ‘आई लव यू’ ई-कॉमर्स साइट अमेजॉन पर हर रोज बड़ी संख्या में बुक हो रही है. देश के अलग-अलग शहरों के तमाम बड़े बुक स्टाल्स पर यह किताब उपलब्ध है. रेड ग्रैब बुक पब्लिकेशन, इलाहाबाद की ओर से इस किताब का प्रकाशन किया गया है. इसके अलावा सभी रेलवे स्टेशन के स्टॉल्स पर भी यह किताब उपलब्ध है. ‘आई लव यू’ की कहानी काल्पनिक है.

ईशान और स्नेहा की प्रेम कहानी पर है आधारित
किताब के बारे में कुलदीप राघव ने बताया कि ‘आई लव यू’ प्यार, रोमांच, रोमांस से होते हुए जिंदगी के स्याह पहलुओं तक पहुंचती है. यह सिर्फ आई लव यू तक सीमित नहीं है. वह बताते हैं कि एक ही कंपनी के ऑफिस में अलग-अलग डिपार्टमेंट में काम करने वाले 25 साल के ईशान और 30 साल की स्नेहा के बीच प्यार अंकुरित होता है, तब ‘आई लव यू’ अस्तित्व में आती है. ईशान अपनी जिंदगी में प्यार तलाश रहा होता है और स्नेहा जिंदगी में अपने हिस्से का प्यार करके खत्म कर चुकी होती है. स्नेहा ने पहले लव मैरिज की थी. ईशान से मिलने तक वह तलाकशुदा हो चुकी थी. एक बेटी की मां स्नेहा की जिंदगी कैसे ईशान के आने पर बदलती है, ये बदलाव कितना सकारात्मक होता और कितना नकारात्मक, ‘आई लव यू’ इसी पर आधारित है.

बुक लॉन्च होने के बाद 100 इन्सपायरिंग ऑथर्स की लिस्ट में लेखक
मूल रूप से खुर्जा निवासी 26 साल के कुलदीप राघव लेखक होने के साथ-साथ फिल्म पत्रकार भी हैं. कुलदीप बताते हैं कि किताब की 1500 प्रतियां बिक चुकी हैं. दूसरा संस्करण प्रकाशित हो रहा है. इस किताब की लोकप्रियता का असर है कि हाल ही में कुलदीप को कोलकाता की संस्था ‘द इंडियन आवाज’ की ओर से 100 इन्सपायरिंग ऑथर्स की लिस्ट में शामिल किया गया है. कुलदीप को शिवकुमार गोयल पत्रकारिता पुरस्कार और मदन मोहन मालवीय पत्रकारिता पुरस्कार मिल चुका है. कुलदीप ने इससे पहले ‘नरेंद्र मोदी: एक शोध’ लिखी थी, जो पीएम नरेंद्र मोदी की जिंदगी पर आधारित थी.