
Nitesh Srivastava
मीडिया में करीब 10 साल का अनुभव. अभी India.com में चीफ सब एडिटर पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस ऑनलाइन, एनडीटीवी, अमर उजाला डिजिटल, नवोदय टाइम्स, आईटीएन और ... और पढ़ें
Yasin Malik: जम्मू कश्मीर में आतंकवादी और अलगावादी वारदातों के लिए UAPA के तहत आरोप झेल रहे जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चीफ मोहम्मद यासीन मलिक (Yasin Malik) ने NIA कोर्ट के सामने अपना गुनाह कबूल लिया है. मलिक पर UAPA की विभिन्न धाराओं, राजद्रोह और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं. मलिक ने कहा है कि वो इन धाराओं के तहत लगाए गए आरोप को खारिज नहीं कर रहा है. इसका मतलब यह हुआ कि यासीन मलिक (Yasin Malik) मुकदमा नहीं लड़ना चाहता, ऐसी सूरत में अदालत सीधे उसकी सजा पर जिरह करेगी. स्पेशल जज प्रवीण सिंह, 19 मई को यासीन मलिक को दी जाने वाली सज़ा पर जिरह सुनेंगे. जो आरोप यासीन मलिक पर लगे है, उनमे उम्रकैद तक की सज़ा हो सकती है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यासीन मलिक अब भी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है.
मलिक ने अदालत को बताया कि वह UAPA की धारा 16 (आतंकवादी गतिविधि), 17 (आतंकवादी गतिवधि के लिए राशि जुटाने), 18 (आतंकवादी कृत्य की साजिश रचने), व 20 (आतंकवादी समूह या संगठन का सदस्य होने) और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) व 124-ए (देशद्रोह) के तहत खुद पर लगे आरोपों को चुनौती नहीं देना चाहता.
स्पेशल जस्टिस प्रवीण सिंह 19 मई को मलिक के खिलाफ लगाए गए आरोपों के लिए सजा के संबंध में दलीलें सुनेंगे, जिनमें अधिकतम सजा उम्रकैद है, विशेष न्यायाधीश ने पहले कहा था कि ‘पहली नजर’ में यह स्थापित हो चुका है कि मलिक और उसके साथियों को आतंकवाद के लिये डायरेक्ट तरीके से रुपये मिल रहे थे. कोर्ट ने यह भी कहा था कि मलिक ने ‘स्वतंत्रता संग्राम’ के नाम पर जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन जुटाने के मकसद से दुनिया भर में एक बड़ा नेटवर्क स्थापित कर लिया था.
इस बीच, अदालत ने फारूक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, शब्बीर शाह, मसर्रत आलम, मोहम्मद यूसुफ शाह, आफताब अहमद शाह, अल्ताफ अहमद शाह, नईम खान, मोहम्मद अकबर खांडे, राजा मेहराजुद्दीन कलवाल, बशीर अहमद भट, जहूर अहमद शाह वटाली, शब्बीर अहमद शाह, अब्दुल राशिद शेख, और नवल किशोर कपूर सहित अन्य कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए.आरोप पत्र लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के खिलाफ भी दायर किया गया था, जिन्हें मामले में भगोड़ा घोषित किया गया है.
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