येदियुरप्पा ही साबित करेंगे बहुमत! पहले भी दिखा चुका हैं सियासी काबिलियत

कर्नाटक में 222 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है.

Published date india.com Published: May 19, 2018 12:40 PM IST
येदियुरप्पा ही साबित करेंगे बहुमत! पहले भी दिखा चुका हैं सियासी काबिलियत

नई दिल्ली: कर्नाटक में 222 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है. बीजेपी 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है. वहीं, कांग्रेस को 78 और जेडीएस प्लस को 38 सीटें मिली हैं. रिजल्ट आने के बाद कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन कर लिया है. गवर्नर ने सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के येदियुरप्पा को सीएम पद की शपथ दिला दी है. शनिवार को येदियुरप्पा को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट का सामना करना पड़ेगा और उन्हें बहुमत साबित करना होगा. हालांकि, एक धड़े का मानना है कि जिस तरह येदियुरप्पा ने पहले अपनी सियासी काबिलियत दिखाई है, उससे तो यही लगता है कि वह इस बार भी बहुमत साबित कर लेंगे.

ऑपरेशन लोटस है क्या
ऑपरेशन लोटस एक स्ट्रेटजी है जिसकी की शुरुआत साल 2008 में बीएस येदियुरप्पा ने ही की थी. इसमें धनबल और बाहुबल के माध्यम से विधायकों को खरीदा गया था. बीजेपी ने कांग्रेस और जेडीएस के 20 विधायकों को खरीद लिया था. उनसे इस्तीफा दिलाने के बाद फिर से उपचुनाव हुए थे. कहा जा रहा है कि बीएस येदियुरप्पा ने एक बार फिर ‘ऑपरेशन लोटस’ शुरू कर दिया है. येदियुरप्पा कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों के संपर्क में हैं. बीजेपी ने विकल्प दिया है कि बहुमत परीक्षण के दौरान वे बीजेपी को वोट दें या गैर-हाजिर रहें. दोनों सूरत में दल-बदल कानून के तहत इनकी सदस्यता जानी तय है. ऐसे में बीजेपी ने उन्हें अपने टिकट पर उपचुनाव लड़ने का विकल्प दिया है.

ये विधायक खुद न लड़कर यह चाहें तो किसी रिश्तेदार को लड़वा सकते हैं. अगर कोई विधायक उपचुनाव नहीं लड़ना चाहता है तो उसे विधान परिषद में एडजस्ट किया जाएगा. बताया जा रहा है कि विधायकों को तोड़ने को लेकर राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर और येदियुरप्पा के बीच देर रात तक बैठक चली. सरकार बनाने के लिए बीजेपी को कम से कम आठ विधायकों की जरूरत है.

खेल शुरू
बीजेपी नेता केएस ईश्वरप्पा का कहना है कि इसमें कोई संदेश नहीं है. बीजेपी सरकार बनाने जा रही है. हम 100 प्रतिशत ऐसा करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि देखिए और इंतजार करिए, अभी कल ही नतीजे आए हैं. अभी एक दिन भी नहीं हुआ है. देखिए एक दिन में ही कर्नाटक में क्या हो सकता है.विधायकों के खरीद फरोख्त का भी काम शुरू हो चुका है. कांग्रेस के एक विधायक Amaregouda Linganagouda Patil Bayyapur ने बताया कि उनके पास बीजेपी के एक नेता का कॉल आया था. उन्होंने कहा कि हमारे साथ आ जाओ हम आपको मंत्री पद ऑफर करेंगे. लेकिन मैं यहीं हूं. एचडी कुमार स्वामी हमारे सीएम होंगे.

सुप्रीम कोर्ट का क्या है फैसला
सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बेंच ने 2006 के एक फैसले में कहा था, यदि कोई पार्टी अन्य पार्टियों या अन्य विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश करे और राज्यपाल को संतुष्ट कर दे कि उसके पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त विधायक हैं और वह एक स्थायी सरकार दे सकती है तो इस स्थिति में राज्यपाल उसे सरकार बनाने से नहीं रोक सकते’ गोवा में 40 सीटों में कांग्रेस के पास 17 सीटें थी , मणिपुर में 60 सीटों में कांग्रेस के पास 28 सीटें थी , जबकि मेघालय में 60 सीटों में कांग्रेस के पास 21 सीटें थी. इन राज्यों में सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी कांग्रेस सरकार नहीं बना पाई थी.

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