नई दिल्ली. अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि न्यायिक संकट नहीं सुलझा है और इसके 2-3 दिनों में पूरी तरह सुलझने की उम्मीद है. आपको बता दें कि इससे पहले सोमवार को अटॉर्नी जनरल ने कहा था कि कोर्ट में काम ठीक से जारी और अब विवाद नहीं. उन्‍होंने कहा कि सुबह हुई अनौपचारिक बैठक हुई थी. 

बड़े मामलों के लिए CJI ने बनाई संवैधानिक पीठ, विरोध करने वाले जज शामिल नहीं

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शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की ओर से मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के कार्यशैली पर उठाने के मामले में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने मंगलवार को कहा है कि जजों के बीच विवाद नहीं सुलझा है और जजों के बीच मतभेद बना हुआ है. आपको बता दें कि इससे पहले सोमवार को अटॉर्नी जनरल ने कहा था कि कोर्ट में काम ठीक से जारी और अब विवाद नहीं. उन्‍होंने कहा कि सुबह हुई अनौपचारिक बैठक हुई थी. Also Read - रंजन गोगोई होंगे सुप्रीम कोर्ट के नए चीफ जस्टिस, 3 अक्‍टूबर को लेंगे शपथ

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जजों के बीच मतभेद को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं. सोमवार को आठ बड़े मामलों को लेकर संविधान पीठ के गठन पर नोटिफिकेशन जारी किया गया. इस संविधान पीठ में प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करने वाले चारों जस्टिस को शामिल नहीं किया गया. बताया जा रहा है कि संविधान पीठ का गठन दिसंबर में ही हो गया था और उसका नोटिफिकेशन सोमवार को जारी हुआ है. यह संविधान पीठ 17 जनवरी से कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई शुरू करेगी.

इस बीच अदालत के सूत्रों ने कहा कि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि सीजेआई ने उन चार न्यायाधीशों से मुलाकात की या नहीं जिन्होंने 12 जनवरी को संवाददाता सम्मेलन में सीजेआई के खिलाफ आरोप लगाये थे. इन्हीं न्यायाधीशों ने पिछले साल 10 अक्तूबर से संविधान पीठ के विभिन्न मामलों में सुनवाई की थी. इनमें प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच टकराव का मामला भी है.

अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने आज कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि उच्चतम न्यायालय में संकट अभी सुलझा नहीं है और उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ दिनों में यह मामला ‘पूरी तरह सुलझ’ जाएगा. इससे एक दिन पहले उन्होंने कहा था कि शीर्ष न्यायालय में सब कुछ सुलझ गया है. उच्चतम न्यायालय में 12 जनवरी को तब संकट उत्पन्न हो गया था जब 4 वरिष्ठतम न्यायाधीशों न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने भारत के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व में शीर्ष न्यायालय के कामकाज की खुले तौर पर आलोचना की थी.

वेणुगोपाल ने कहा, ‘हां, मुझे लगता है कि यह अभी सुलझा नहीं है. उम्मीद करते हैं कि 2-3 दिन के भीतर चीजें पूरी तरह से सुलझ जाएंगी.’ गतिरोध जारी रहने के बारे में पूछे जाने पर वेणुगोपाल ने इस बात पर सहमति जताई कि अभी गतिरोध चल रहा है. 4 न्यायाधीशों या सीजेआई से कोई मुलाकात या किसी तरह की बातचीत करने के बारे में पूछे जाने पर वेणुगोपाल ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ.

उन्होंने हालांकि उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ दिनों में संकट सुलझ जाएगा. उच्चतम न्यायालय के शीर्ष 4 न्यायाधीशों ने सोमवार को काम शुरू कर दिया. अटॉर्नी जनरल ने इस अभूतपूर्व संकट को ‘राई का पहाड़ बना देना’ बताया था. चारों न्यायाधीशों ने उच्चतम न्यायालयों में मामलों के आवंटन समेत कुछ समस्याएं उठाई और उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जो देश के शीर्ष न्यायालय को प्रभावित कर रहे हैं.

भारत के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने रविवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तथा उच्चतम न्यायालय की बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह से मुलाकात की थी तथा उन्हें आश्वासन दिया था कि संकट जल्द ही सुलझ जाएगा तथा फिर से सद्भावना कायम होगा.