नई दिल्ली: विश्व योग दिवस के मौके पर एस्सेल ग्रुप ने अमेरिका को योग और प्राणायाम की सुविधा से लैस सबसे बड़े नेचर क्योर सेंटर की सौगात दी है. गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यो-वन नेचर क्योर सेंटर का उद्घाटन किया. इस मौके पर अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि योग सिर्फ आसन ही नहीं दर्शन भी है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों में योग पूरी दुनिया में एक जन आंदोलन बन गया है. दुनिया के कई हिस्सों में इसे फेस्टिवल के रूप में मनाया जा रहा है. पीएम ने कहा कि मुझे खुशी है आपने इस नेचर क्योर सेंटर के उद्धाटन के लिए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के दिन को चुना.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हजारों सालों से योग हमें स्वस्थ बनाता आ रहा है. उम्मीद है योग दुनिया को जोड़ने का काम करेगा. योग सिर्फ एक आसन ही नहीं एक दर्शन भी है. पीएम मोदी ने कहा कि योग का कोई धर्म नहीं है. योग का मकसद लोगों को रहन-सहन बदलना है. पीएम ने कहा कि पुरी दुनिया में योग के प्रति लोगों की रुचि बढ़ी है. हर दिन नए लोग योग से जुड़ रहे हैं. पूरी दुनिया में योग को लेकर रिसर्च हो रहा है. नेचर क्योर सेंटर से 500 लोगों को प्रत्यक्ष वहीं 1500लोगों को अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा.

डॉ सुभाष चंद्रा ने क्या कहा
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद और एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ सुभाष चंद्रा ने कहा, दुनिया में 110 देशों में हजारों जगह योग किया जा रहा है. आज एक सपना साकार हो गया है. सबसे पहले मैं संत चटवाल जी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. डॉ सीताराम जिंदल का बहुत-बहुत शुक्रिया जिनके कई नेचर केयर संस्थान भारत में चल रहे है. डॉ माधव कुट्टी जी का भी शुक्रिया जिन्होंने इस नेचर सेंटर में अपनी सेवाएं देने की अनुमति दी. इस अवसर पर मैं अपने माता-पिता और परिवार का भी धन्यवाद करता हूं.

सेंटर की स्थापना एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने अमेरिका के न्यूयॉर्क में की है. दिल्ली से करीब 12 हजार किलोमीटर दूर अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य के कैट्सकिल्स पहाड़ियों के बीच स्थापित इस नेचर क्योर सेंटर में योग-प्राणायम सिखाने की व्यवस्था तो की ही गई है, साथ में आयुर्वेद, नेचुरोपैथी, हाइड्रोथेरेपी, फिजियोथैरेपी और एक्यूपंक्चर की भी सुविधा मुहैया कराई गई है.

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पांच साल में साकार हुआ सपना
संस्कृत के यौवन शब्द से प्रेरित यो-वन नेचर क्योर सेंटर प्रकृति की गोद में अपने पांव पसारे हुए है. करीब 1400 एकड़ के हरे-भरे इलाके में यो-वन का कैंपस 200 एकड़ का है. तीन लाख वर्गफीट के निर्माण वाला ये अमेरिका का सबसे बड़ा नेचर क्योर सेंटर है. एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा ने अमेरिका को भारत की प्राचीन जीवन पद्धति और ज्ञान से रू-ब-रू कराने के लिए यो-वन का सपना देखा था, जो महज पांच साल में साकार भी हो गया है.

राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा के इस अनूठे प्रयास की सराहना न्यूयॉर्क स्टेट की एसेंबली ने भी की है और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर इसके लिए उनका सम्मान भी किया गया है. yo1 से न्यूयॉर्क राज्य के इस अपेक्षाकृत पिछड़े इलाके में करीब पांच सौ लोगों को सीधा रोजगार मिलने वाला है. वहीं करीब डेढ़ हजार लोगों को अप्रत्यक्ष तरीके से आजीविका हासिल हो सकती है.

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इन सुविधाओं से लैस है यो-वन
राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने 2013 में न्यूयॉर्क शहर से करीब डेढ़ घंटे की दूरी पर मौजूद कैट्सकिल्स पहाडियों की गोद में बसे मॉन्टिसेलो इलाके में 1400 एकड़ जमीन खरीदी, जहां पर करीब 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर की लागत से यो-वन का निर्माण हुआ है. इस नेचर क्योर सेंटर में योग-प्राणायम सिखाने की व्यवस्था तो की ही गई है, साथ में आयुर्वेद, नेचुरोपैथी, हाइड्रोथेरेपी, फिजियोथैरेपी और एक्यूपंक्चर की भी सुविधा मुहैया कराई गई है. जिसका लाभ उठाकर लोग न सिर्फ अपने को तरोताजा कर सकते हैं, बल्कि अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ा सकते हैं.

131 कमरों सहित ये हैं यो-वन की खास बातें
यो-वन के अनुभवी कर्मचारी पोषण और आहार से जुड़ी खास टिप्स भी यहां आने वाले लोगों को मुहैया कराएंगे, ताकि सेहत का लोग ध्यान तो रख ही सकें, साथ में मोटापे से भी बच सकें, जो अमेरिका की बड़ी समस्या है. यो-वन की तरफ से तीन दिन से लेकर दस दिन तक के खास कोर्स डिजाइन किए गए हैं. जिसका लाभ उठाकर लोग अपने शरीर को स्फूर्ति से भर सकते हैं. यहां लोगों के लिए 131 ऐसे कमरे बनाए गए हैं, जिसमें तमाम किस्म की थैरेपी के लिए खास उपकरण और विशेषज्ञ मौजूद हैं. साथ में पांच हजार वर्ग फीट का इंडोर स्वीमिंग पुल, रिफ्लेक्सोलोजी वाले खास वाकवेज, और पौष्टिक भोजन की खास व्यवस्था भी की गई है.