कोलकाता: विपक्षी पार्टियों के एजेंडों पर शंका जाहिर करते हुए स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने रविवार को कहा कि ‘महागठबंधन’ एक बड़ा मजाक है और यह विचारधाराहीन ‘खोखले लोगों’ से भरा हुआ है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन के सभी नेता जो भाजपा विरोधी या मोदी विरोधी होने का दावा कर रहे हैं, वह भी इन्हीं की तरह लोकतंत्र विरोधी और भ्रष्ट हैं. Also Read - दिल्ली दंगा: पुलिस चार्जशीट में येचुरी, योगेंद्र यादव के नाम सह-षडयंत्रकर्ता के रूप में दर्ज, प्रदर्शनकारियों को भड़काने का आरोप

Also Read - Bihar Assembly Election: महागठबंधन में किचकिच, कई बड़े नेताओं ने प्रशांत किशोर से की मुलाकात

योगेंद्र यादव ने कहा, ‘कोलकाता में एक बड़ी रैली हुई, लेकिन विचारधारा कहां है? आपका एजेंडा क्या है? उस पर कोई चर्चा नहीं हुई. किसानों की समस्या पर कोई बात नहीं हुई और न ही बेरोजगारी पर. मेरा मानना है कि इस गठबंधन के पास कोई दिशा दृष्टि नहीं है.’ इस रैली में कई विपक्षी पार्टियों ने हिस्सा लिया और अगले लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए एकजुटता दिखाई. Also Read - दिल्ली में आप की 'चाल' ने ध्वस्त किए मंसूबे, BJP सत्ता में आती तो कत्ले-आम मच जाता: योगेंद्र यादव

ममता की रैली में विपक्षी दलों ने भरी मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने की हुंकार, जानिए किसने क्या कहा

उन्होंने कहा, ‘वे लोग कह रहे हैं कि मोदी लोकतंत्र विरोधी हैं लेकिन ममता बनर्जी क्या हैं? वह भी वही हैं. उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से पंचायत चुनाव नहीं होने दिया. उन्होंने विपक्ष को कोई रैली नहीं करने दी. आप भी अपने राज्य में दबंगई दिखा रही हैं.’ यादव ने कहा, ‘और शरद पवार (राकांपा), अखिलेश यादव (सपा प्रमुख) और मायावती (बसपा प्रमुख), सभी देश को भ्रष्टाचार से बचाने का दावा कर रहे हैं. यह एक बड़ा मजाक है. यह महागठबंधन खोखले लोगों का गठबंधन है.’

उन्होंने कहा कि महागठबंधन सिर्फ विपक्ष है, केंद्र की मोदी सरकार का विकल्प नहीं है. यादव ने कहा कि ‘महागठबंधन’ के ये नेता पांच साल उस समय कहां थे जब किसान आत्महत्या कर रहे थे और बेरोजगार युवाओं का आंदोलन चल रहा था. उन्होंने स्वराज इंडिया के ‘हैशटैग आईकैन19- इंडियन सिटिजन एक्शन फॉर नेशन’ की शुरुआत की. यह पहल चुनावी राजनीति में नागरिकों के हस्तक्षेप को बढा़वा देने के उद्देश्य से शुरू की गयी है. यादव ने कहा, ‘हमारी क्षमता सैकड़ों सीट पर चुनाव लड़ने की नहीं है. हम कुछ सीटों पर हस्तक्षेप करेंगे. यह हमारा प्रयास है.’