नई दिल्ली. ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि मुस्लिमों में तीन तलाक के जरिए दिए जाने वाले तलाक की प्रथा ‘अमान्य’, ‘अवैध’ और ‘असंवैधानिक’ है. शीर्ष अदालत ने 3:2 के मत से सुनाए गए फैसले में तीन तलाक को कुरान के मूल तत्व के खिलाफ बताया. कोर्ट के फैसले के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी प्रतिक्रिया आई है. योगी ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अगर फैसला सर्वसम्मति से होता तो और भी अच्छा रहता. Also Read - विजय माल्या ने ब्रिटेन में ही रहने का 'एक और विकल्प' आजमाया, क्‍या जल्‍द नहीं हो पाएगा प्रत्‍यर्पण

योगी आदित्यनाथ ने हिंदी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि यह स्वागत योग्य कार्य है. संवैधानिक पीठ ने बहुमत के आधार पर कार्य किया है. योगी ने इसे आधी आबादी को न्याय मिलने की शुरुआत बताया. उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई भी शीघ्र प्रारंभ होगी. हम बहुच दिनों तक उन्हें न्याय से वंचित नहीं रख सकते. योगी ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक पहल बताया. Also Read - Corona Vaccine in India: टीकाकरण अभियान के 7वें दिन 2.28 लाख लोगों को लगी वैक्सीन

कोर्ट ने सरकार को ट्रिपल तलाक पर कानून बनाने के लिए 6 महीने की मोहलत दी है. योगी ने इसपर कहा कि सरकार तय करेगी और कानून बनाएगी. अब इसमें कोई कन्फ्यूजन की स्थिति रह ही नहीं गई है. हम लोगों को लगता है कि एक अच्छी शुरुआत है. बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी और खुद योगी आदित्यनाथ ने ट्रिपल तलाक को लेकर प्रचार किया था. Also Read - चालक दल के फंसे सदस्यों को बदलने को लेकर चीन के साथ सम्पर्क में है भारत: विदेश मंत्रालय

मंगलवार को ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मुस्लिमों में तीन तलाक के जरिए दिए जाने वाले तलाक की प्रथा ‘अमान्य’, ‘अवैध’ और ‘असंवैधानिक’ है. शीर्ष अदालत ने 3:2 के मत से सुनाए गए फैसले में तीन तलाक को कुरान के मूल तत्व के खिलाफ बताया.

प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर और जस्टिस एस अब्दुल नजीर जहां तीन तलाक की प्रथा पर छह माह के लिए रोक लगाकर सरकार को इस संबंध में नया कानून लेकर आने के लिए कहने के पक्ष में थे, वहीं जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस आर एफ नरीमन और जस्टिस यू यू ललित ने इसे संविधान का उल्लंघन करार दिया.