लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लोकसभा की दो सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए सपा-बसपा के बीच तालमेल पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि सपा का बसपा की गोद में जाकर बैठ जाना उसकी ‘हताशा और निरीहता’ का प्रतीक है. Also Read - भाजपा सरकार की न तो नीतियां सही हैं, नीयत, योगी राज में विकास का पहिया थम गया है : अखिलेश

राज्य विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के जवाब में नेता प्रतिपक्ष सपा के राम गोविन्द चौधरी की ओर देखते हुए योगी ने कहा, ‘आप बसपा की गोद में जाकर बैठ जाइए .. ये निरीहता और हताशा नहीं तो क्या है?’ सपा—बसपा पर तीखा प्रहार करते हुए योगी ने कहा, ‘मैं बसपा के नेता लालजी वर्मा से कहना चाहूंगा कि आप स्मारकों के बारे में बात करने आए थे. इनका संरक्षण हम सबका दायित्व है क्योंकि राज्य का पैसा लगा है, चाहे किसी ने भी बनाया हो. चाहे वह डा. भीमराव आंबेडकर का हो या काशीराम का …’ उन्होंने कटाक्ष किया, ‘सपा तो ध्वस्त करने की बात कर रहे थे लेकिन हम अपने समय में ध्वस्त नहीं होने देंगे.’’ Also Read - AAP सांसद संजय सिंह का योगी सरकार पर बड़ा आरोप, बोले- यूपी में अपराधियों पर कार्रवाई जाति पूछकर की जाती है

सपा-बसपा के तालमेल पर योगी यहीं नहीं रुके, बल्कि सवालिया निशान खड़ा किया, ‘आगे से कोई स्टेट गेस्ट हाउस कांड तो नहीं होने पाएगा. मेरे समय में नहीं हो पाएगा मैं इस बात की गारंटी लेता हूं.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति का बाहरी आवरण बदल जाए लेकिन अपनी प्रवृति से वह नहीं बदलता. ‘कुछ लोग ठेका ले लेते हैं कि हम सुधरेंगे नहीं .. क्यों जबर्दस्ती हम उन्हें सुधारने चलें. बिच्छू का धर्म डंक मारने का है तो वह डंक मारेगा ही.’’ Also Read - सच्चे योगी होने का प्रूफ दें आदित्यनाथ, उन्हें नहीं पता मैंने पाकिस्तान जाकर भारत के बारे में किस तरीके से की थी: ओवैसी

योगी ने कहा कि भाजपा ने त्रिपुरा में लाल झंडे को डुबो दिया है. अब उत्तर प्रदेश में लाल टोपी को डुबा देंगे. लाल टोपी अब नहीं चलेगी. ‘अब केसरिया का समय आ गया है और केसरिया विकास का प्रतीक है.’’ उन्होंने कहा कि प्रदेश में 22 करोड़ जनता को सुरक्षा देने, विकास और सुशासन से जोडने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

गौरतलब है कि 2 जून, 1995 को मुलायम सिंह सरकार को समर्थन देने के लिए सपा विधायकों ने बसपा विधायकों को गेस्ट हाउस में बंद कर उनसे मारपीट की थी. उस समय मायावती भी गेस्ट हाउस में मौजूद थीं.