लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ अब महराष्ट्र और हरियाणा में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास करेंगे. हिंदुत्व ब्रांड और सीधी जुबान में बोलने के कारण योगी की सभी राज्यों में मांग रहती है. खासकर चुनाव के समय वह स्टार प्रचारक के रूप में भाजपा के एजेंडे को धार देते हैं. नवरात्रि में योगी गोरक्षपीठाधीश्वर की भूमिका में गोरखपुर में थे. आज वे लखनऊ आ गए हैं. गुरुवार से इन राज्यों में उनका दौरा शुरू हो जाएगा. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्टार प्रचारक के रूप में योगी एक दिन में कई-कई विधानसभाओं में प्रचार कर भाजपा के पक्ष में माहौल तैयार करेंगे.

मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को महाराष्ट्र के परभनी, जलगांव, कोलबा, कांदीवली ईस्ट में जनसभाओं को संबोधित करेंगे. इसके बाद शुक्रवार यानि 11 अक्टूबर को योगी हरियाणा के पंचकुला, अंबाला, जींद, और सोनीपत और 12 अक्टूबर को हिसार, भिवानी, झज्जर में जनसभाओं में भाग लेंगे. योगी 13 अक्टूबर को महाराष्ट्र के लातूर, सोलापुर सिटी, और यावतमल में रहेंगे. इस दिन वह सोलापुर में रात्रि विश्राम भी करेंगे. योगी 14 अक्टूबर को महाराष्ट्र के सोलापुर, सांगली, बीड और औरंगाबाद में प्रचार की कमान संभालेंगे.

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योगी न केवल महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव में माहौल बनाएंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की 11 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए भी पूरा जोर लगाएंगे. योगी तीन दिन में 11 चुनावी जनसभा संबोधित करेंगे. वह 15 अक्टूबर को कानपुर के गोविंदनगर, चित्रकूट के मानिकपुर, लखनऊ कैंट और प्रतापगढ़ जबकि 16 अक्टूबर को बाराबंकी की जैदपुर, अंबेडकरनगर के जलालपुर, बहराइच के बलहा और मऊ के घोसी और 18 अक्टूबर को सहारनपुर के गंगोह, रामपुर और अलीगढ़ के इगलास की सभा को संबोधित करेंगे.

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ को पार्टी स्टार प्रचारक के रूप में दूसरे राज्यों में भेजने लगी है. राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा आदि राज्यों के चुनाव में योगी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

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स्टार प्रचारक के तौर पर योगी आदित्यनाथ का पहला प्रयोग फरवरी 2018 में वामपंथ के गढ़ त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में हुआ. जहां योगी ने आधा दर्जन के ज्यादा रैलियां और रोड शो किए. त्रिपुरा में योगी ने सात सीटों पर प्रचार किया था. त्रिपुरा में वाम दुर्ग ध्वस्त करने के बाद योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल देखने को मिला.