गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष विभिन्न तकनीकी संस्थानों और उद्योगों में इंटर्नशिप की योजना शुरू करने का ऐलान करते हुए कहा इंटर्नशिप करने वाले हर युवा को हर महीने ढाई हजार रुपए मानदेय दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने रविवार को श्रम और सेवा योजन विभाग द्वारा गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित रोजगार मेले को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार एक इंटर्नशिप योजना लेकर आ रही है. इसके तहत 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन करने वाले नौजवानों को विभिन्न तकनीकी संस्थानों और उद्योगों से जोड़ा जाएगा. Also Read - UP Panchayat Election 2021: यूपी पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी- कोरोना से बचाना है, चुनाव भी कराना है

उन्होंने कहा कि 6 महीने और साल भर की इंटर्नशिप करने वाले प्रत्येक नौजवान को मानदेय के तौर पर हर महीने 2500 रुपये दिया जाएगा. जिसमें 1500 रुपये केंद्र सरकार और 1000 रुपये प्रदेश सरकार देगी. इंटर्नशिप पूरी होने के बाद युवाओं के प्लेसमेंट की व्यवस्था भी सरकार करेगी. इसके लिए एक एचआर सेल भी बनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में होने वाली पुलिस की भर्ती में 20 फीसदी बालिकाओं को अनिवार्य रूप से भर्ती किया जाए. जिससे प्रदेश के सुरक्षा में उनका बड़ा योगदान हो सके. Also Read - Abhyudaya Yojana : यूपी में NEET, JEE, UPSE परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए खुशखबरी, मिलेगी फ्री कोचिंग

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद कौशल मिशन के कार्यक्रम को तेज किया गया. श्रम और सेवा योजन विभाग के माध्यम से जो कार्य पूर्ववर्ती सरकारें पांच वर्ष में कर पाती थीं, हमने उनसे तीन गुना ज्यादा कार्य मात्र तीन वर्ष में करके दिखाया है. Also Read - बंगाल चुनाव से पहले हेमा मालिनी का बड़ा बयान, कहा- भाजपा के सत्ता में आने पर ही लोगों का जीवन सुधरेगा

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने चुतर्थ, तृतीय और द्वितीय श्रेणी के नॉन गजेटेड पदों के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया को समाप्त किया. उत्तर प्रदेश, देश का पहला राज्य है, जो तीन वर्ष के अंदर ढाई लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने में सफल रहा है. इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने के साथ ही 35 लाख नौजवानों को नौकरी और रोजगार से जोड़ा गया है.