लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य में 25,000 होमगार्ड की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय वापस ले लिया है. गुरुवार को जारी एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि होमगार्ड अगले आदेश तक ड्यूटी पर रहेंगे. योगी सरकार ने पिछले हफ्ते इस मुद्दे पर पहले ही यू-टर्न ले लिया था जब राज्य के होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान ने कहा था कि ये लोग अपनी नौकरी नहीं खोएंगे. इससे पहले राज्य सरकार ने 12 अक्टूबर को कहा था कि वित्तीय बाधाओं के कारण होम गार्ड्स की ड्यूटी समाप्त हो जाएगी.

गुरुवार को जारी आदेश में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने कहा कि होमगार्ड्स के वेतन का भुगतान गृह विभाग के बजट से किया जाएगा. उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन के मद्देनजर उनकी तैनाती की जरूरत थी. अवस्थी द्वारा प्रमुख सचिव होमगार्ड को लिखे पत्र में 30 जुलाई के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि इस मामले को खत्म करने के लिए 26 और 27 सितंबर को राज्य के गृह विभाग की उच्च स्तरीय बैठक हुई थी. जिसमें उन्होंने बताया है कि आने वाले त्यौहारी सीज़न को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि होम गार्ड्स की वर्तमान व्यवस्था गृह विभाग के बजट के आधार पर जारी रहेगी. वहीं उत्तर प्रदेश में 1.18 लाख होमगार्ड के पद हैं, जिनमें से 19,000 खाली पड़े हैं.

पिछले साल, गृह विभाग ने पुलिस के स्थान पर 25,000 होमगार्ड नियुक्त किए थे जिनकी सेवाओं को पहले समाप्त कर दिया गया था और अब अगले आदेश तक जारी रखा गया है. अब तक, एक होमगार्ड को 500 रुपये प्रति दिन की दर से भुगतान किया जा रहा था, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़कर 672 रुपये प्रति दिन हो गया था. होमगार्ड्स का कोई निश्चित मासिक वेतन नहीं है और उन्हें ड्यूटी के दिनों की संख्या के आधार पर भुगतान किया जाता है. सरकार का ये फैसला अल्पकालिक थे क्योंकि राज्य सरकार ने संशोधित एक लाख होमगार्डों को संशोधित दर से भुगतान करने में असमर्थता जताई थी, साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कि जिलों के पास इस तरह के कोई फंड नहीं हैं. त्यौहारी सीज़न के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या मामले में चल रहे सुनवाई को लेकर शांति बनाए रखने के लिए कमर कस लिया है.

(इनपुट IANS से)