लखनऊ. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर सरकारों ने बुधवार को पारस्परिक परिवहन समझौते पर हस्ताक्षर किए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां अन्तर्राज्यीय बस सेवाओं को सुगम और सुदृढ़ बनाने के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य, उत्तर प्रदेश एवं जम्मू और कश्मीर राज्य के बीच पारस्परिक परिवहन समझौते को लेकर हस्ताक्षर कार्यक्रम के अवसर पर कहा कि ये समझौते केदारनाथ को विश्वनाथ तथा अमरनाथ को विश्वनाथ से जोड़ने का प्रयास है.
उन्होंने कहा कि ये समझौते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की एक भारत, श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार करने में सहायक होंगे. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड के साथ परिवहन समझौता वर्षों से लम्बित था. समझौते के लिए कार्यक्रम में मौजूद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को बधाई देते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि समझौते से दोनों राज्यों के पर्यटकों को परिवहन की आधिकारिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के साथ समझौते से उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन उस राज्य में तीन मार्गों-मथुरा-दिल्ली-कटरा (वाया यमुना एक्सप्रेस-वे), सहारनपुर-अम्बाला-जालंधर-पठानकोट-जम्मू-कटरा तथा मुजफ्फरनगर-हरिद्वार-जम्मू-कटरा मार्ग पर बसों का संचालन करेगा. इसी प्रकार, जम्मू-कश्मीर भी उत्तर प्रदेश में तीन मार्गों पर बसों पर संचालन करेगा. योगी ने कहा कि उत्तराखंड के साथ समझौते से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम उत्तराखंड में 216 मार्गों पर तथा उत्तराखंड परिवहन निगम उत्तर प्रदेश में 335 मार्गों पर बसों का संचालन करेगा.
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश की प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला, उत्तराखंड राज्य के परिवहन सचिव एवं आयुक्त डी0एस0 पांडियन तथा जम्मू और कश्मीर राज्य के परिवहन सचिव एवं आयुक्त हेमन्त कुमार शर्मा ने समझौतों पर हस्ताक्षर किए.
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