भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 15 जुलाई को अंतिम समय में चांद पर स्पेसक्राफ्ट उतारने की अपनी महत्वकांक्षी योजना को रोक दिया था. ऐसा प्रक्षेपण से आधे घंटे पहले GSLV-MkIII रॉकेट में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण किया गया. GSLV-MkIII भारत का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है. यह सबसे भारी उपग्रहों या स्पेसक्राफ्ट को अंतरिक्ष में ले जाने में सक्षम है. बीते दिन ही इसरो ने चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग की नई तारीख घोषित की है. इसे अब 22 जुलाई को दोपहर 2.43 बजे प्रक्षेपित किया जाएगा. Also Read - Sarkari Naukri: ISRO SAC Recruitment 2020: इसरो में नौकरी करने का सुनहरा मौका, जल्द करें आवेदन, ये है आखिरी तारीख 

लेकिन मजेदार बात यह है कि इस बार इसरो अपनी इस महत्वकांक्षी योजना के सफल होते दुनिया को दिखाना चाहता है. उसने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर में दर्शक दिर्घा से इस लॉन्चिंग को देखने का मौका दिया है. इसके लिए आज शाम 6 बजे से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा. इसको लेकर इसरो ने ट्वीट कर जानकारी दी है. उसने इस ट्वीट के साथ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का लिंक भी दिया है. Also Read - पीएसएलवी-सी49 की सफल उड़ान, देश के रडार इमेजिंग और नौ अन्य विदेशी उपग्रहों को सफलतापूर्वक कक्षा में प्रक्षेपित किया


15 जुलाई को इस मिशन को अंतिम समय में रोकना पड़ा था. चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग की पूरी तैयारी कर ली गई थी लेकिन तभी रॉकेट में तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी मिली. वैसे इसरो ने इस तकनीकी गड़बड़ी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी लेकिन माना जा रहा है कि रॉकेट के ऊपरी हिस्से में, जहां क्रायोजेनिक इंजन लगा था, वहीं कुछ गड़बड़ी हुई थी.