हैदराबाद: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को कहा कि मानवता की दिशा बदलने के लिए बड़ी संख्या में युवाओं को साथ लाने और श्रेष्ठ विश्व के निर्माण में उन्हें शामिल करने की जरूरत है. तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में रामचंद्र मिशन के नये ग्लोबल मुख्यालय कान्हा शांतिवनम का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि चिंताओं, अनिश्चितताओं, असुरक्षा और वैमनस्य से भरी दुनिया में रामचंद्र मिशन जैसे संगठनों की जिम्मेदारियां कई गुणा बढ़ जाती है.Also Read - President Of India Ramnath Kovind: आज भी अपने गांव में बसता है महामहिम का दिल, मातृभूमि को देखते ही भावुक हुए रामनाथ कोविंद, कही ये बात...

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एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने कहा कि यह एकमात्र ऐसा संगठन है जो मरहम का आश्वस्त स्पर्श प्रदान कर सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘ आध्यात्मिकता दुनिया के लिए भारत का सबसे बहुमूल्य उपहार है. वेदांत, तीर्थंकर महावीर और गौतम बुद्ध के उपदेशों से लेकर नानक और कबीर तक के संदेश अनंत आध्यात्मिक ज्ञान का विपुल प्रवाह है जिसे स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी और भारत की आध्यात्मिक ताकत के कई अन्य महापुरूषों ने आधुनिक विश्व तक पहुंचाया है. Also Read - Republic Day 2021: शान से लहराया 72वें गणतंत्र का तिरंगा, सैन्य ताकत के साथ दिखी राफेल की हुंकार

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उन्होंने कहा,‘‘आज गांधी को सत्य, करूणा और अहिंसा के उनके संदेश को लेकर पूरी दुनिया में सम्मान की नजर से देखा जाता है और वह वाकई में आध्यात्मिक सत्य को ढूंढने वाले व्यक्ति थे.’’