विजयवाड़ा/हैदराबाद: आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने वाई एस जगनमोहन रेड्डी को राज्य में अगली सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है. रेड्डी के नेतृत्व में उनकी पार्टी ने आंध्र प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनावों में शानदार जीत दर्ज की है. राज भवन ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि शपथ ग्रहण समारोह 30 मई को विजयवाड़ा में इंदिरा गांधी नगर निगम स्टेडियम में दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर होगा.

 

वाईएसआरसी के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद रेड्डी ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया. रेड्डी का रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का कार्यक्रम है. यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वाईएसआरसीपी प्रमुख ने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कहा था कि जो भी आंध्र प्रदेश को विशेष श्रेणी का दर्जा देगा उनकी पार्टी उसका समर्थन करेगी.

सर्वसम्मति से वाईएसआरसी का नेता चुने जाने के साथ उन्होंने हैदराबाद में राजभवन में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा किया. विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस चुनाव में वाई एस जगनमोहन रेड्डी को वाईएसआर कांग्रेस विधायक दल का नेता चुने जाने की बधाई देते हुए माननीय राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है. इसमें बताया गया कि बोत्चा सत्यनारायण और वाईएसआर कांग्रेस के अन्य निर्वाचित विधायकों ने राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें वाईएसआर कांग्रेस विधायक दल द्वारा रेड्डी को नेता चुने जाने की सूचना दी.

 

विजयवाड़ा से विमान से हैदराबाद पहुंचे रेड्डी ने शाम करीब साढ़े चार बजे राज भवन में राज्यपाल से मुलाकात की. राज्यपाल से मुलाकात के बाद रेड्डी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के आधिकारिक आवास प्रगति भवन में उनसे मुलाकात की. सूत्रों ने बताया कि वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख रात में उनके आवास पर ही ठहरेंगे. पार्टी सूत्रों ने बताया कि इससे पहले विजयवाड़ा में वाईएसआर कांग्रेस के कार्यालय में नव निर्वाचित विधायकों की बैठक में रेड्डी को विधायक दल का नेता चुनने का प्रस्ताव पारित किया गया.

विधायक दल का नेता चुनने के लिए विधायकों को धन्यवाद देते हुए रेड्डी ने कहा कि 2019 में लोगों ने हम पर विश्वास करके वोट दिया है, लेकिन 2024 में उन्हें हमारे काम के आधार पर और भी प्रचंड बहुमत देना चाहिए. पार्टी के एक विधायक ने पीटीआई-भाषा से कहा कि रेड्डी ने सभी नव-निर्वाचित विधायकों से अनुरोध किया कि वह एक साल के भीतर बेहतर मुख्यमंत्री का दर्जा हासिल करने में उनकी मदद करें. विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वाई एस राजशेखर रेड्डी के बेटे रेड्डी की पार्टी को आंध्र प्रदेश की 175 सदस्यीय विधानसभा में 151 सीटें जीती जबकि एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेदेपा ने 23 सीटें और जनसेना पार्टी ने केवल एक सीट जीती.

वाईएसआरसी ने लोकसभा चुनाव में 25 सीटों में से 22 पर जीत दर्ज की जबकि तेदेपा के हिस्से में केवल तीन हीं सीटें आ पाई. वाईएसआरसी के विधायक दल की बैठक के बाद उसकी संसदीय दल की बैठक हुई जिसमें रेड्डी ने राज्यसभा और लोकसभा सदस्यों द्वारा संसद में दक्षिणी राज्य के लिए विभिन्न मांगों को उठाने की जरुरत पर जोर दिया. नव निर्वाचित सांसद गोरान्तला माधव ने पत्रकारों से कहा कि हमें आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून में अन्य प्रावधानों और विशेष दर्जे की मांग के लिए प्रतिबद्ध और एकजुट रहने की सलाह दी गई है.