नई दिल्ली: दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डॉ. जफरुल इस्लाम खान पुलिस के साथ सहयोग को तैयार हैं लेकिन इससे पहले वह चाहते हैं कि दिल्ली पुलिस उन्हें लिखित में देकर जांच में सहयोग को कहे. दिल्ली पुलिस की टीम बुधवार शाम देशद्रोह के मामले में पूछताछ के लिए जफरुल के घर पहुंची थी लेकिन उसे निराशा हाथ लगी थी. जफरुल पर कथित विवादास्पद टिप्पणी के लिए देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने हालांकि कहा था कि वह अपना फोन और लैपटाप लेकर शुक्रवार को थाने पहुंचें. Also Read - 916 तब्लीगी जमातियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस लेगी बड़ा एक्शन, इन आरोपों के तहत दायर होगी चार्जशीट

जफरुल ने आईएएनएस से बात करते हुए गुरुवार को पुलिस के साथ जांच में सहयोग को लेकर अपना पक्ष साफ किया. जफरुल ने कहा, “मुझे स्पेशल सेल ने शुक्रवार को 12. 00 बजे बुलाया है और मुझसे मेरा लैपटॉप और फोन भी लाने को कहा है, लेकिन मैं नही जाऊंगा क्योंकि मैंने उनसे कहा है कि मुझे लिखित में दीजिए तो मैं सहयोग करने को तैयार हूं लेकिन स्पेशल सेल लिखित में नही दे रही है.” Also Read - दिल्ली पुलिस के कोरोना संक्रमित कर्मचारियों को 1 लाख के बजाय मिलेंगे सिर्फ 10 हजार रुपये, अधिकारियों ने लिया फैसला

आपको बता दें कि जफरुल इस्लाम की वकील वृंदा ग्रोवर ने कल शाम एक बयान में कहा था कि जफरुल इस्लाम 72 वर्षीय सीनियर सिटीजन हैं और उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हैं, जिससे उन पर कोरोना वायरस का ज्यादा खतरा है. ऐसे में वह घर से बाहर नहीं निकल सकते. कानून के मुताबिक भी वह पुलिस स्टेशन नहीं जा सकते. आपको बता दें की जफरुल इस्लाम खान ने 28 अप्रैल को एक फेसबुक पोस्ट में विवादित टिप्पणी की थी. इसके बाद दिल्ली पुलीस स्पेशल सेल ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था. Also Read - दिल्ली: बीवी के बॉयफ्रेंड से लेना था बदला, पति ने किया कुछ ऐसा कि पुलिस भी रह गई दंग