जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड के एंकरलेस चैनल जी हिन्दुस्तान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरा होने पर 12 जून को एक ई-कॉनक्लेव का आयोजन किया. इसमें केंद्र सरकार के 21 मंत्रियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से अधिकतर कैबिनेट स्तर के थे. ‘हिन्दुस्तान ई-विमर्श, सीधे मंत्रियों के साथ’ कार्यक्रम को लगातार 10 घंटे तक प्रसारित किया गया. Also Read - औसत दर्शक समय के मामले में ZEE 24 Kalak बना गुजरात का नंबर-1 चैनल

23 मई 2019 को मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव में जबर्दस्त जीत हासिल कर इतिहास बनाया था. वह जीत पिछले काफी समय में किसी भी एक पार्टी की सबसे बड़ी जीत थी. जनता ने मोदी सरकार को दोबार सत्ता संभालने के लिए भेजा था. मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले साल में कई बड़े फैसले लिए. इसमें जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, सीएए और एनआरसी, राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले, कोरोना वायरस की वजह से पहले 21 दिनों के लॉकडाउन और फिर उसे बढ़ाने जैसे फैसले शामिल हैं. अब अनलॉकिंग शुरू हो गया है… ऐसे में कई सवालों के जवाब चाहिए, काफी कुछ सीखने को है और काफी कुछ तैयारी करने को है. Also Read - Zee राजस्थान पर हुआ ई-विमर्श, मंत्रियों ने बताया लॉकडाउन के बाद का रोडमैप

ऐसे में जी हिंदुस्तान ने ई-विमर्श सीरीज की योजना बनाई. इस बार के आयोजन में 21 केंद्रीय कैबिनेट मंत्री थे. उन्होंने बीते साल की समीक्षा की और आने वाले दिनों के बारे में अपनी रणनीति के बारे में बताया. इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले मंत्रियों में  नितिन गडकरी, प्रकाश जावड़ेकर, रविशंकर प्रसाद, जीतेंद्र सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी, किरेन रिजिजू, गजेंद्र शेखावत, अनुराग ठाकुर, जनरल वीके सिंह, किशन रेड्डी, रमेश निशंक, बाबुल सुप्रियो, गिरिराज सिंह, अर्जुन मेघवाल, प्रताप सारंगी, अर्जुन मुंडा, अश्विनी कुमार चौबे, संजय धोत्रे, प्रह्लाद सिंह, कैलाश चौधरी और श्रीपद नाइक शामिल थे. Also Read - Zee हिन्दुस्तान के नाम दर्ज हुई ये उपलब्धि, मात्र 6 माह में 10 मिलियन मंथली यूजर्स का आंकड़ा पार किया

इस कॉनक्लेव में सरकार के तमाम मंत्रालयों को शामिल किया गया ताकि दर्शक सरकार के प्रदर्शन और भविष्य की योजना के बारे में अच्छी तरह जान सकें.

इस मौके पर ZMCL क्लस्टर 2 के सीईओ पुरुषोत्तम वैष्णव ने कहा कि ई विमर्श ब्रांड के तहत हम जी हिन्दुस्तान पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ ई-कॉनक्लेव का आयोजन कर चुके हैं. राजस्थान, बिहार, गुजरात, ओडिशा, बंगाल और झारखंड में राज्य स्तरीय ई-कॉनक्लेव हो चुका है. पहला चरण मुख्य रूप से कोविड-19 से निपटने और इसके असर पर केंद्रीत रहा. अब जबकि कोरोना वायरस करीब-करीब हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है ऐसे में दूसरे चरण में हमने सरकार के बीते एक साल के रिपोर्ट कार्ड और कैबिनेट मंत्रियों की उनकी भविष्य की रणनीति पर चर्चा की.