नई दिल्ली: भारतीय सेना ने जम्मू कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पार स्थित आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था जिसमें आतंकवादियों को भारी नुकसान पहुंचा था और कई आतंकवादी मारे गए थे. इस हमले के 636 दिन बाद इसका सबसे बड़ा सबूत सामने आया है. इस हमले का वीडियो जी न्यूज के पास है. वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह भारतीय सेना के कमांडो ने पाकिस्तानी सीमा में घुसकर आतंकियों के 4 अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाया गया था. भारतीय सेना के पैरा कमांडोज की 8 टीमों ने इस हमले को अंजाम दिया था. बताया जा रहा है कि UAV की मदद से सर्जिकल स्ट्राइक का ये वीडियो बनाया गया. पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सेना के सभी कमाडों सुरक्षित वापस लौट आए थे.

देश के कई नेताओं ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सवाल उठाए थे और सबूत की मांग की थी. पाकिस्तान में बैठे 26/11 हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद ने सर्जिकल स्ट्राइक की खबर को झूठा करार देते हुए जी न्यूज को धमकी भी दी थी. हाफिज सईद ने कहा था कि उसे भारतीय सेना के दावों पर हंसी आई थी. हाफिज सईद ने कहा था ‘जी टीवी वालों तुम्हें पता चलेगा की पाकिस्तान के फौजी जवान किस तरह बदला देते है. 28-29 सितंबर 2016 की रात को सेना द्वारा आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए अचानक की गई इस कार्रवाई के बारे में घोषणा सैन्य अभियान महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में की थी. संवाददाता सम्मेलन में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप भी मौजूद थे.

सिंह ने कहा था, ‘भारतीय सेना ने बीती रात (28-29 सितंबर 2016) नियंत्रण रेखा के पार आतंकी लॉन्च पैडों पर सर्जिकल हमले किए.’ उन्होंने यह भी कहा था कि भारत किसी भी तरह की स्थिति के लिए तैयार है.सिंह ने कहा था कि आतंकी शिविरों को भारी नुकसान पहुंचा है और अनेक आतंकी मारे गए हैं. जनरल सिंह ने कहा था, ‘हम नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादियों को सक्रिय रहने की अनुमति नहीं दे सकते.’

सर्जिकल स्ट्राइक क्या है?
सर्जिकल स्ट्राइक एक ऐसी सैन्य कार्रवाई है जिसमें एक से अधिक सैन्य लक्ष्यों को नुकसान पहुंचाया जाता है और उसके बाद हमला करने वाली सैनिक इकाई तुरंत वापस लौट आती है. जहां भी सर्जिकल स्ट्राइक किया जाता है वहां के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाई जाती है. उसके बाद समय तय किया जाता है कि सर्जिकल स्ट्राइक कब करना है. इस अभियान की जानकारी बेहद गोपनीय रखी जाती है.

सर्जिकल स्ट्राइक में इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि जिस जगह या इलाके में आतंकी या दुश्मन छिपे हुए हैं सिर्फ उसी जगह को निशाना बनाया जाए. भारतीय सेना ने जो सर्जिकल स्ट्राइक की है उसमें भी यही हुआ है कि आतंकी ठिकानों और आतंकियों को भारी नुकसान पहुंचा. हमले में कई आतंकी मारे गए.

पिछले साल जून में भी भारतीय सेना ने म्यांमार में दाखिल होकर पूर्वोत्तर में सक्रिय उग्रवादी गुट एनएससीएन (के) के शिविरों को निशाना बनाया था. हमले में उग्रवादियों को सेना ने मार गिराया था. उग्रवादी संगठन एनएससीएन पर हमला करते समय भारतीय सेना म्‍यांमार सीमा में सैंकड़ों मीटर तक अंदर चली गई थी. सूत्रों के अनुसार सेना की 12 पैरा ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिलर 151 के पास चेन मोहो गांव के पास से म्‍यांमार में प्रवेश किया था.