
Akarsh Shukla
मैं, आकर्ष शुक्ला, पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हूं और वर्तमान में India.com Hindi (ZEE Media) में शिफ्ट इंचार्ज की जिम्मेदारी निभाते हुए नेशनल टीम का नेतृत्व ... और पढ़ें
Chenab Bridge Railway Track : भारतीय रेलवे ने गुरुवार को दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब ब्रिज पर पहली बार 8 कोच वाली मेमू ट्रेन (MEMU Train) का ट्रायल रन किया है. मेमू ट्रेन के ट्रायल रन का वीडियो खुद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि संगलदान और रियासी के बीच ट्रायल रन कराई गई मेमू ट्रेन ने करीब 45 किलोमीटर की दूरी तय की. इस दौरान ट्रेन में 9 सुरंगों को पार किया और इसमें कई लोग भी सवार थे. हालांकि ट्रायल रन के दौरान ट्रेन को 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर चलाया गया. भारतीय रेलवे के अनुसार मेमू ट्रेन रामबन जिले के संगलदान से दोपहर 12:35 बजे चली और 14:05 बजे अपनी मंजिल रियासी पहुंची. सोशल मीडिया पर चिनाब ब्रिज पर दौड़ती मेमू ट्रेन को देख हर किसी का दिल खुशी से झूम उठा. रेलवे ने बताया कि जल्द ही इस रूट पर यात्रियों के लिए ट्रेन चलनी शुरू हो जाएगी.
ट्रायल रन का वीडियो अपने एक्स (ट्विटर) पर शेयर करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैप्शन में लिखा, ‘USBRL प्रोजेक्ट के तहत जम्मू कश्मीर में संगलदान और रियासी के बीच सफलतापूर्वक मेमू ट्रेन का ट्रायल रन किया गया.’ उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक – परियोजना (USBRL) साल के अंत तक पूरी हो जाएगी. वर्तमान में, कन्याकुमारी से कटरा और कश्मीर घाटी में बारामूला से संगलदान तक ट्रेनें चलती हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने 20 फरवरी, 2024 को USBRL परियोजना के 48.1 किलोमीटर लंबे बनिहाल-संगलदान खंड का उद्घाटन किया था. चिनाब रेल पुल के निर्माण में कुल 30000 मीट्रिक टन स्टील का उपयोग किया गया है. इस पुल का निर्माण 1486 करोड़ की लागत से किया गया है. यह 260 किमी प्रति घंटे तक की हवा की गति का सामना कर सकता है. इस रूट पर ट्रेन 7 स्टेशनों से होकर बारामूला पहुंचेगी.
#WATCH | J&K: Indian Railway conducts a trial run on the newly constructed world’s highest railway bridge-Chenab Rail Bridge, built between Sangaldan in Ramban district and Reasi. Rail services on the line will start soon pic.twitter.com/gHGxhMHYe3
— ANI (@ANI) June 20, 2024
चिनाब ब्रिज का मकसद घाटी के लोगों के आने-जाने को आसान बनाना है. 118 किमी लंबे काजीगुंड-बारामूला खंड को कवर करने वाली परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन अक्टूबर 2009 में किया गया था. बाद में, 18 किमी लंबे बनिहाल-काजीगुंड खंड का उद्घाटन जून 2013 में और 25 किमी लंबे उधमपुर-कटरा खंड का जुलाई 2014 में किया गया था. चिनाब रेल ब्रिज जम्मू और कश्मीर क्षेत्र में चिनाब नदी से 359 मीटर (लगभग 109 फीट) ऊपर है. यह एफिल टॉवर से लगभग 35 मीटर ऊंचा है. 1315 मीटर लंबा पुल एक बड़ी परियोजना का हिस्सा है जिसका उद्देश्य कश्मीर घाटी को भारतीय रेलवे नेटवर्क द्वारा सुलभ बनाना है. उत्तरी जम्मू-कश्मीर के उबड़-खाबड़ इलाके के कारण इस परियोजना को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. इस प्रोजेक्ट को आधिकारिक तौर पर दिसंबर 2004 में मंजूरी दी गई थी और ट्रैक बिछाने का काम मार्च 2023 तक पूरा हो गया था.
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