रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान ने एक परिवार पर गोलीबारी कर दी. इसमें तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दो घायल हैं. पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतक ने जवान पर 1200 रुपए उधार होने पर दूध देना बंद कर दिया था. इससे नाराज होकर जवान ने हमला कर दिया.

रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रभात कुमार ने बताया कि आरपीएफ जवान पवन कुमार सिंह ने शनिवार को अपनी नौ एमएम पिस्तौल से रेलवे में काम करने वाले कुली अशोक राम और उनके परिजनों को उनके घर में गोली मार दी. राम का घर बड़काकाना रेलवे जंक्शन के पास ही है.

एसपी ने बताया कि राम (55), उनकी पत्नी लीलावती देवी (52) और गर्भवती बेटी मीना देवी (27) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अन्य बेटी सुमन देवी (25) और बेटा चिंटू राम (20) घायल हो गए.

कुमार ने बताया कि राम का परिवार बड़काकाना पुलिस थाना अंतर्गत रेलवे बैरक में बने क्वार्टर में रहता था, जबकि जवान पूर्व मध्य रेलवे के बड़काकाना जंक्शन में तैनात था. दोनों घायलों को रांची स्थित अस्पताल में रेफर किया गया है.

उत्तरी छोटानागपुर मंडल के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) पंकज कंबोज ने अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया. पुलिस ने बताया कि आरपीएफ जवान बिहार के भोजपुर जिले में करथ गांव का रहने वाला है, जो घटना के बाद से फरार है.

उन्होंने बताया कि अशोक राम के एक और बेटे बिट्टू राम (30) ने वहां पहुंचे पत्रकार को बताया कि उनका परिवार दूध का कारोबार करता है और जवान उनके ग्राहकों में से एक है. जवान पर 1200 रुपए का बकाया हो गया था इसलिए शनिवार को उसे दूध नहीं दिया गया, जिसके कारण गुस्से में आकर उसने परिवार को गोली मार दी. आरपीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि यह जवान बड़काकाना में आरपीएफ के सहायक कमांडेंट के सुरक्षा सहायक के तौर पर तैनात था.

पुलिस ने बताया कि घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने रामगढ़-रांची से होकर जाने वाले पिथौरिया राजमार्ग पर रविवार को जाम लगाया और आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी, मृतक के एक आश्रित को रेलवे में नौकरी दिलाने और परिवार को समुचित मुआवजा देने की मांग की. पुलिस ने बताया कि उन्होंने कुछ देर के लिए रेल की पटरियों पर भी जाम लगाया जिससे ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं.