रांची: झारखंड में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले बीजेपी ने विपक्षी दलों को झटका देते हुए 6 विधायकों को अपनी पार्टी में बुधवार को शामिल कर लिया. इसमें कांग्रेस के दो और झारखंड मुक्ति मोर्चा के दो विधायक समेत कई अन्‍य नेता हैं. इनमें एक पूर्व डीजीपी भी शामिल हैं. वहीं, दोनों ही विपक्षी पार्टियों ने दावा किया है कि उनके नेताओं के भाजपा में शामिल होने से उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा.

मुख्यमंत्री रघुवर दास की मौजूदगी में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत समेत दो विधायकों, झामुमो के दो विधायकों, एक निर्दलीय विधायक तथा दो पूर्व अधिकारियों समेत 9 नेताओं ने बुधवार को भाजपा का दामन थाम लिया.

मुख्यमंत्री रघुवर दास और भाजपा के प्रदेश प्रभारी और बिहार के वरिष्ठ भाजपा नेता नंदकिशोर यादव की मौजूदगी में बुधवार को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं लोहरदगा से विधायक सुखदेव भगत, बरही से कांग्रेस विधायक मनोज यादव, झारखंड मुक्ति मोर्चा के बहरागोड़ा से विधायक कुणाल सारंगी, मांडू से झामुमो विधायक जयप्रकाश भाई पटेल एवं राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री और नौजवान युवा मोर्चा के अध्यक्ष भानु प्रताप शाही रांची में प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा में शामिल हो गए.

इसी कार्यक्रम में प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक दिनेश कुमार पांडे, पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सुचित्रा सिन्हा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पुलिस अधिकारी अरुण उरांव, कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता बजरंगी यादव और आरपी सिन्हा भी भाजपा में शामिल हुए.

कार्यक्रम में जहां मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व से प्रभावित होकर एवं भाजपा की नीतियों के चलते विभिन्न दलों के लोग भाजपा की ओर आकर्षित हो रहे हैं, वहीं राज्य की विपक्षी पार्टियों कांग्रेस एवं झामुमो ने इसे नेताओं की मौका परस्ती करार दिया है.

बता दें कि वर्ष 2014 में दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव के कुछ माह बाद ही झारखंड विकास मोर्चा के 8 विधायकों में से 6 विधायक दल बदल कर भाजपा में शामिल हो गए थे.

राज्य की वर्तमान 81 सदस्यीय विधानसभा में झारखंड मुक्ति मोर्चा के 19 विधायक और कांग्रेस के 9 विधायक थे. आज हुए घटनाक्रम के बाद उनकी संख्या घटकर क्रमशः 17 एवं 7 रह गई है.