रांची: रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के ‘नन्हें फरिश्ते’ टीम ने राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली भेजी जा रहीं छह नाबालिक लड़कियों का रेस्क्यू किया है. पुलिस ने यह जानकरी दी. आरपीएफ ने दरअसल घरेलू कामों के लिए राज्य के बाहर भेजी जा रहीं लड़कियों को बचाने के लिए एक टीम नन्हें फरिश्ते का गठन किया था. सभी बचाई गईं लड़कियां नाबालिक हैं और इन्हें चाइल्डलाइन रांची को सौंप दिया गया. जांच के बाद उन्हें या तो उनके घर भेज दिया जाएगा या फिर सरकारी संस्थान भेजा जाएगा. Also Read - 26 जनवरी को परेड निकालेंगे प्रदर्शनकारी किसान, बोले- आंदोलन का समर्थन करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज कर रही NIA

रांची अरपीएफ के इन-चार्ज अमिताभ आनंद बर्धन ने कहा, “नन्हें फरिश्ते टीम एक तलाशी अभियान चला रही थी. छह नाबालिक लड़कियों को राजधानी एक्सप्रेस का वेट करते समय देखा गया. पूछताछ से पता चला कि इनके साथ इनके अभिभावक नहीं है. इन्हें घरेलू कामों के लिए नई दिल्ली भेजा जा रहा था. लड़कियों को भी यह नहीं पता था कि नई दिल्ली में उन्हें कहां जाना है. बचाई गई लड़कियों में, चार खूंटी जिले और एक सिमडेगा व एक गुमला जिले की हैं.” Also Read - दिल्ली: राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने की Covishield की मांग, बोले- 'कोवैक्सीन पर भरोसा नहीं'

आरपीएफ हालांकि अभी तक मानव तस्करी में संलिप्त लोगों का पता नहीं लगा पाई है. बताया गया है कि एक सिंडिकेट इन लड़कियों को घरेलू कामों के लिए राज्य से बाहर भेजने का काम करता है. रांची आरपीएफ के अनुसार, 15 अगस्त को नन्हें फरिश्ते के गठन के बाद से अब तक 31 बच्चों का रेस्क्यू किया गया है और 10 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. Also Read - SC ने यमुना नदी में प्रदूषण पर लिया संज्ञान, हरियाणा सरकार से जवाब- तलब किया