दुमका: झारखंड के दुमका में सोमवार को एक लाख रुपए से पांच लाख रुपए तक की इनामी तीन महिला नक्सलियों समेत छह नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया. दो महिला नक्सलियों प्रेमशिला एवं किरन ने कहा कि उन्होंने नारकीय जीवन जिया और जंगलों में सालों तक भटकने के दौरान उनका भयानक यौन उत्पीड़न भी किया गया. दोनों महिला नक्सलियों पर पांच-पांच लाख रुपए का इनाम था. पुलिस के बयान के अनुसार, सभी नक्सलियों ने दुमका रेंज के उप महानिरीक्षक के समक्ष अपने हथियार डाल दिए. Also Read - अच्छी खबर: कोरोना की वजह से 20 साल बाद पत्नी और बच्चे से मिला शख्स...

बता दें कि झारखंड सरकार ने राज्य के 180 नक्सलियों को पकड़ने के लिए इनाम घोषित किया है. राज्य में पिछले चार सालों में लगभग 80 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं. खूंखार महिला नक्सली कमांडरों की पहचान पीसी दी उर्फ सवरुई देवी और किरांडी के रूप में हुई. दोनों ने एके-47 तथा करबाइन बंदूकों के साथ समर्पण किया. Also Read - झारखंड के शिक्षामंत्री ने 11वीं में लिया दाखिला, विपक्षी देते थे 10वीं ही पास होने का ताना तो फिर शुरू की पढ़ाई

कट्टर माओवादियों प्रेमशाली देवी, किरन टुडू, प्रिसिला देवी, भगत सिंह किस्कू, सुखलाल डेहरी और सिधो मरांडी ने आज संथाल में दुमका के पुलिस उपमहानिरीक्षक राजकुमार लकड़ा के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. इस दौरान पुलिस अधीक्षक वाई एस रमेश एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे. इन नक्सलियों पर एक लाख रुपए से लेकर पांच लाख रुपए तक का ईनाम घोषित था. Also Read - झारखंड: सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे 6 लोग जहरीली गैस की चपेट में आए, सभी की मौत

आत्मसमर्पण करने वाले अन्य नक्सलियों में एक लाख रुपए के इनामी क्षेत्र कमांडर सीधो मरांडी (एक करबाइन बंदूक के साथ), एक लाख रुपये के इनामी प्रेमशिला, सुखलाला डेहरी (पिस्तौल के साथ) और भगत सिंह किस्कू (राइफल के साथ) शामिल हैं.

चार नक्सलियों ने पुलिस को एके 47, इंसास, कार्बाइन और पिस्तौल भी सौंपी. इस अवसर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक ने कहा कि माओवादियों को समाज की मुख्य धारा में आकर काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी चाहें तो उन्हें हजारीबाग की खुली जेल में स्थानांतरित किया जा सकता है.

आत्मसमर्पण करने वाली दो महिला नक्सलियों प्रेमशिला एवं किरन ने कहा कि उन्होंने नारकीय जीवन जिया और जंगलों में सालों तक भटकने के दौरान उनका भयानक यौन उत्पीड़न भी किया गया. उन्होंने सभी नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील की.