रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार की रात यहां बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर लेह से विमान से लौटने वाले 60 प्रवासी मजदूरों का स्वागत किया और उन्होंने प्रवासी मजदूरों से बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना. उन्होंने घोषणा की कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे राज्य के सभी प्रवासी श्रमिकों को यहां वापस लाया जायेगा. Also Read - बिहार: AIIMS- पटना में कोरोना संक्रमण के चलते 2 डॉक्‍टरों ने तोड़ा दम

मुख्यमंत्री सोरेन ने हवाई अड्डे पर लेह-लद्दाख से लौटे 60 श्रमिकों का स्वागत करने के बाद कहा कि विमान से प्रवासी मजदूरों को विधिवत तरीके से लाने का सिलसिला शुरू हो चुका है और अब अंडमान में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को भी हवाई मार्ग से झारखंड लाने की पहल की जा रही है. सोरेन ने मजदूरों को दिये जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को परखा. Also Read - Bengluru Lockdown: आज से लागू होगा टोटल लॉकडाउन, जानें क्या खुलेगा और क्या नहीं?

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह खुशी का पल है. लेह जैसे सुदूरवर्ती क्षेत्र से श्रमिक भाई आज हवाई मार्ग से अपने राज्य वापस आये हैं. सभी को मेरा धन्यवाद.’’ उन्होंने कहा कि वैसे इलाकों में जहां ट्रेन अथवा अन्य परिवहन साधनों के विकल्प सीमित हैं वहां से प्रवासी मजदूरों को हवाई जहाज से वापस लाया जाएगा. इस सिलसिले में राज्य के अधिकारी केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. Also Read - Lockdown In Haryana Latest News Update: हरियाणा के इन जिलों में लग सकता है लॉकडाउन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों को विमान से लाने के लिए लगातार प्रयासरत थी. इस सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को अनुमति देने के लिए कई बार पत्र लिखा गया था.

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि झारखंड में प्रवासी मजदूरों को विमान से वापस लाने का सिलसिला शुरू हुआ है. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि झारखंड देश का ऐसा पहला राज्य है जिसने सबसे पहले विमान से मजदूरों को वापस लाने की मांग केंद्र सरकार से की थी.’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रवासी मजदूर देश के कोने-कोने में हैं और वह भारी तनाव में हैं जिसे देखते हुए प्रवासी मजदूरों को सकुशल और सुरक्षित लाने का सिलसिला तब तक जारी रहेगा जब तक सभी वापस नहीं आ जाते.

लद्दाख के बटालिक एवं कारगिल इलाकों में सीमा सड़क संगठन के साथ सड़कों के निर्माण में जुटे झारखंड के जो साठ प्रवासी श्रमिक आज यहां विमान से वापस पहुंचे उनमें से अधिकतर को अपने घर पहुंचने की भारी खुशी थी लेकिन उन्हें इस बात की और अधिक खुशी थी कि उन्हें इसी बहाने पहली बार विमान यात्रा का आनंद प्राप्त हुआ.

एक प्रवासी श्रमिक ने हवाई अड्डे से बाहर आते हुए कहा कि उन लोगों ने सरकार से घर वापस लाने का अनुरोध किया था और उन्हें खुशी है कि राज्य सरकार ने उनकी यह इच्छा इस तरह पूरी की.

राज्य के संथाल परगना के एक अन्य प्रवासी श्रमिक मदेशिया ने कहा, ‘‘हमने तो सपने में भी नहीं सोचा था कि कभी हवाई जहाज में उड़ने का मौका मिलेगा लेकिन आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनकी यह इच्छा भी पूरी कर दी.’’ उन्होंने कहा कि घर पहुंचने की उन्हें बेहद खुशी है लेकिन विमान से घर लौटने से यह खुशी कई गुनी बढ़ गयी है.