गुमला. सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने 1971 की भारत-पाकिस्तान लड़ाई में सर्वोच्च बलिदान देने वाले परम वीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट इक्का को शुक्रवार को याद किया. अल्बर्ट की विधवा बालदिना इक्का के प्रति अपना आभार प्रकट करते हुए रावत ने कहा कि वह सौभाग्यशाली हैं कि वह गुमला जिले में इक्का के पैतृक गांव चैनपुर आने का मौका मिला. उन्होंने बालदिना को सम्मान स्वरुप एक शॉल भेंट किया एवं उन्हें 51000 रुपए का चेंक सौंपा. उन्होंने कहा कि देश को इक्का और उनके परिवार पर गर्व है. जनरल रावत ने इस मौके पर हुई रैली को संबोधित करते हुए सेना के जवानों, उनके परिवारवालों और पूर्व सैनिकों के साहस और शौर्य की प्रशंसा की.

उन्होंने बताया कि कैसे इक्का ने 14वीं गार्ड बटालियन के तहत लड़ाई लड़ते हुए घायल होने के बाद भी गंगासागर में पाकिस्तानी सेना के बंकर को नष्ट किया. उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र प्रदान किया गया था. रावत ने चैनपुर बाजार टांड में लगाई गई इक्का की आवक्ष प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया. वह देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों की याद में आयोजित रैली में हिस्सा लेने के लिए गुमला आए थे. चैनपुर में हुई रैली को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने झारखंड के युवाओं द्वारा भारतीय सेना में योगदान देने को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि इस राज्य के सैनिकों ने मेहनत और लगन के बलबूते देशसेवा के क्षेत्र में झारखंड का नाम रोशन किया है. अल्बर्ट एक्का को याद करते हुए जनरल बिपिन रावत ने लोगों को इस परमवीर चक्र विजेता द्वारा लड़ी गई लड़ाई की पूरी कहानी सुनाई. सेना के जवानों की प्रशंसा के साथ-साथ उन्होंने वीर जवानों के परिवारों के धैर्य और साहस की भी तारीफ की. जनरल रावत ने कहा कि इन्हीं परिजनों की हिम्मत की बदौलत एक जवान जंग के मैदान में पराक्रम दिखा पाता है.

(इनपुट – एजेंसी)