रांची: भाजपा को झारखंड विधानसभा के सोमवार को आए चुनाव परिणामों में जबर्दस्त हार का सामना तो करना ही पड़ा लेकिन उससे भी बड़ा झटका पार्टी को इस बात का लगा कि पहली बार राज्य विधानसभा में वह सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में भी नहीं उभर सकी और उसे झारखंड मुक्ति मोर्चा के बाद दूसरे नंबर की पार्टी के रूप में संतोष करना पड़ा. इससे पहले झारखंड के इतिहास में हमेशा बीजेपी सत्ता में हो या विपक्ष में हो, वह विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी रही है.

नवंबर-दिसंबर 2019 में राज्य की पांचवी विधानसभा के लिए हुए चुनावों में पार्टी की ऐसी स्थिति बनी की 81 में से 79 सीटों पर चुनाव लड़कर भी वह सिर्फ 25 सीटें जीत सकी, जबकि उसने इन चुनावों में सर्वाधिक 33.37 प्रतिशत मत हासिल किए. वहीं, महज 18.72 प्रतिशत मत प्राप्त कर झामुमो इस बार राज्य विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है.

झारखंड के 81 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को सिर्फ 25 सीटें प्राप्त हुईं, जबकि सत्ता हासिल करने वाले झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन को कुल 47 सीटें प्राप्त हुईं, जिनमें से गठबंधन का नेतृत्व करने वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) को अकेले 30 सीटें प्राप्त हुई हैं. नए राज्य के निर्माण के बाद झामुमो को पहली बार इतनी अधिक सीटें मिलीं.

– झामुमो को 30 सीटें मिलने से राज्य की पांचवीं विधानसभा में अब सबसे बड़ा दल होने का सम्मान सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा को प्राप्त होगा
– 25 सीटों के साथ भाजपा विधानसभा में दूसरे नंबर की पार्टी होगी
– इससे पहले झारखंड के इतिहास में भाजपा सत्ता में हो या विपक्ष में हो, वह विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी रही है.

साल 2000 में जब केंद्र की वाजपेयी सरकार ने झारखंड को नए राज्य का दर्जा दिया तो बिहार विधानसभा से झारखंड क्षेत्र के विधायकों को अलग कर झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा का निर्माण हुआ, क्योंकि बिहार में मार्च, 2000 में विधानसभा चुनाव हो चुके थे.

साल 2000 में राज्य की पहली विधानसभा में भी भाजपा के 32 विधायक थे
– पहले विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी
– साल 2005 में विधानसभा के दूसरे चुनावों में फिर भाजपा ने 30 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा कायम रखा
– साल 2009 में हुए चुनावों में बीजेपी नीचे खिसकी, लेकिन झामुमो के साथ संयुक्त रूप से 18-18 सीटें हासिल कर वह विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी रही
– 2009 में हुए चुनावों में बीजेपी को जहां 20 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त हुए, वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा को 15.2 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे.
– साल 2014 में चौथी विधानसभा में एक बार फिर भाजपा ने बाजी मारी
– साल 2014 में बीजेपी ने 37 सीटें जीतकर चुनाव पूर्व के सहयोगी आजसू के साथ पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई
– इस चुनाव में बीजेपी राज्य विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी भी बनी रही.

इस चुनाव में खोया सबसे बड़ी पार्टी होने का दर्जा
नवंबर-दिसंबर 2019 में राज्य की पांचवी विधानसभा के लिए हुए चुनावों में पार्टी की ऐसी स्थिति बनी की 81 में से 79 सीटों पर चुनाव लड़कर भी वह सिर्फ 25 सीटें जीत सकी, जबकि उसने इन चुनावों में सर्वाधिक 33.37 प्रतिशत मत हासिल किए. वहीं, महज 18.72 प्रतिशत मत प्राप्त कर झामुमो इस बार राज्य विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है.