CBI probe In AD JUttam Anand Murder Case, रांची: झारखंड (Jharkhand ) के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने (Chief Minister Hemant Soren) धनबाद के एडिशनल जज उत्तम आनंद (Additional District Judge Uttam Anand Death Case) की मौत के मामले की (CBI probe) जांच सीबीआई (Central Bureau of Investigation) को सौंपने की शनिवार को अनुशंसा कर दी है. आधिकारिक प्रवक्ता ने रांची में यह जानकारी दी.Also Read - झारखंड : 7 लड़कियों की तलाब में डूबने से मौत, मृतकों में एक ही परिवार की 6 बेटियां शाम‍िल

धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अष्टम) उत्तम आनंद की 28 जुलाई की सुबह धनबाद में टहलने के दौरान एक ऑटो की टक्कर से मौत हो गई थी. प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर मामले के त्वरित अनुसंधान और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया गया था. Also Read - अप्रयुक्त ITC के लिए रिफंड इनपुट सेवाओं पर दावा नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

झारखंड सरकार के धनबाद के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश उत्तम आनंद की हत्या की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की सिफारिश के बाद पूर्व मुख्‍यमंत्री बीजेपी नेता (Former CM & BJP leader) बाबू लाल मरांडी (Babulal Marandi) ने राज्‍य सरकार पर देरी से लिया गया फैसला बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में मामला उठाए जाने के बाद झारखंड सरकार ने यह फैसला लिया. Also Read - Pegasus Case: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लगाई फटकार-अबतक एफिडेविट दाखिल क्यों नहीं किया, मिला ये जवाब

पूर्व सीएम और बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा, ”सुप्रीम कोर्ट में मामला उठाए जाने के बाद (झारखंड) सरकार ने यह फैसला लिया … धनबाद के पुलिस अधीक्षक (जहां अतिरिक्त जिला न्यायाधीश उत्तम आनंद की कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी) के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए.

सीएम ने कहा था कि सरकार न्यायाधीश आनंद की मौत के मामले में बहुत गंभीर है
इससे पूर्व शुक्रवार को धनबाद के दिवंगत न्यायाधीश उत्तम आनंद के परिजनों ने मुख्‍यमंत्री सोरेन से मुलाकात की थी और इस दौरान सीएम ने कहा था कि सरकार न्यायाधीश आनंद की मौत के मामले में बहुत गंभीर है.

दिवंगत न्यायाधीश के परिजनों ने मुख्यमंत्री सोरेन से की थी मुलाकात 
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि दिवंगत न्यायाधीश के परिजनों ने मंत्रालय में जब मुख्यमंत्री सोरेन से मुलाकात की तो उन्होंने इस दुखद घटना के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की तथा कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ है और इस मामले की जांच को लेकर बहुत गंभीर है. परिजनों ने इस मामले में राज्य सरकार द्वारा उच्चस्तरीय जांच का आदेश देने एवं एसआइटी गठित करने पर संतोष व्यक्त किया था.

वकीलों ने प्रदर्शन क‍िया था 
मुख्यमंत्री से दिवंगत न्यायाधीश उत्तम आनंद की धर्मपत्नी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के लिए पहल करने का भी आग्रह परिजनों ने किया था. इस बीच, शुक्रवार को इस घटना के विरोध में राज्य के अधिवक्ताओं ने अपने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया था और रांची एवं धनबाद समेत अनेक स्थानों पर प्रदर्शन भी किया था.

झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था
बीते गुरुवार को धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की बुधवार की सुबह हुई संदिग्ध मौत की जांच के लिए झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अभियान) संजय आनंद लाटकर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मामले की जांच करनी थी.

अभी तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है
दूसरी ओर पुलिस ने जांच में उपलब्ध तकनीकी साक्ष्य के आलोक में अभी तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और घटना में प्रयुक्त ऑटो को जब्त किया गया है. पुलिस ने बताया था कि ऑटो चालक लखन कुमार वर्मा सुनार पट्टी धनबाद का रहने वाला है, जबकि दूसरा आरोपित राहुल वर्मा भी सुनार पट्टी धनबाद जोरापोखर का रहने वाला है. इनसे पूछताछ की जा रही है. गौरतलब है कि अपनी लिखित शिकायत में न्यायाधीश की पत्नी प्रीति सिन्हा ने आरोप लगाया था कि यह कोई दुर्घटना नहीं थी और यह इरादतन की गई हत्या है.