रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधानसभा चुनाव के पूर्व ही ट्वीटर पर सक्रिय हो गए थे. चुनाव जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद सोरेन न केवल माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्वीटर पर अब और ज्यादा सक्रिय हो गए हैं, बल्कि अपनी सरकार में पारदर्शिता लाने के लिए इसका उपयोग भी कर रहे हैं. सोरेन ट्वीटर पर किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर अधिकारियों को ट्वीटर पर ही कार्रवाई करने का निर्देश भी दे रहे हैं. हेमंत ने झारखंड की सत्ता संभालने के बाद ही सरकार में पारदर्शिता की बात करते हुए इसे आम जनता की सरकार बताया था. झारखंड के चाईबासा सदर अस्पताल में एक बच्ची को खाने में केवल भात (चावल) परोसने का मामला ट्वीटर पर सामने आने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उसे गंभीरता से लिया.

मुख्यमंत्री ने ट्वीटर पर ही उपायुक्त को जांच करने का आदेश दिया और बुधवार को इस मामले में दो कर्मचारियों को निलंबित तक कर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने उपायुक्त अरवा राजकमल को ट्वीट कर कहा कि कृपया जल्द से जल्द इस बच्ची की सुरक्षा, शिक्षा और समुचित पोषण की व्यवस्था करें और इसकी जानकारी दें. इसके बाद तो मुख्यमंत्री को ट्वीटर से शिकायतें भी मिलने लगीं और अपनी सरकार में पारदर्शिता लाने के लिए उन्होंने भी इसे औजार बना लिया है. कोडरमा के झामुमो समिति ने मुख्यमंत्री से ट्वीटर पर ही जन वितरण प्रणाली की शिकायत एक समाचार पत्र की कटिंग के साथ की थी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं.

मुख्यमंत्री सोरेन ने भी ट्वीट कर हजारीबाग उपायुक्त को निर्देश देते हुए कहा कि कृपा कर मामले की पूरी जांच करें एवं संबंधित क्षेत्र की जनता को जल्द से जल्द राशन दिलवाने में सहायता करें. उपायुक्त ने मंगलवार को ट्वीट कर इस मामले में लिखा कि जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच टीम गठित कर दी गई है. टीम ने संबंधित राशन दुकान का गहन निरीक्षण किया. साथ ही राशनकार्ड धारियों का बयान दर्ज किया गया. जांच के आधार पर दोषी पाए जाने पर संबंधित डीलर पर कार्रवाई की जाएगी. सरायकेला के गुरुचरण साव के ट्वीटर हैंडल से मंगलवार को मुख्यमंत्री से शिकायत की गई थी, “चौका थाना क्षेत्र के चौका मार्केट, पातकुम रोड में 200 केवी बिजली ट्रांसफार्मर बीते 10 दिनों पहले जल चुका है, जिसके कारण यहां के निवासियों एवं व्यवसायियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. विभाग अपने से बनाने बोल रहा है.”

मुख्यमंत्री सोरेन ने इस ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए उपायुक्त सरायकेला को निर्देश दिया कि कृपया कर मामले का त्वरित समाधान करें. इस बीच, लातेहार जिला के बरवाडीह प्रखंड की भी एक शिकायत ट्वीटर के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाई गई. लातेहार के एक व्यक्ति ने ट्वीट कर शिकायत की, “चार महीना से नहीं मिल रहा वृद्घा पेंशन. लातेहार जिला के बरवाडीह प्रखण्ड के कुचिला के टेवरही में प्रेमा देवी, जिरुआ कुंवर, पनपतिया देवी, कुंती कुंवर, कलवा देवी, राजबली राम का वृद्घावस्था पेंशन पिछले चार महीने से बंद है.

इस शिकायत के मिलने के बाद सोरेन ने लातेहार उपायुक्त को इस समस्या पर त्वरित संज्ञान लेकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. लातेहार उपायुक्त ने मुख्यमंत्री के इस ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए कहा कि इस मामले में तीन दिन पहले ही सभी वृद्घा पेंशन का भुगतान कर दिया गया है. इस कार्रवाई के संदर्भ में झामुमो के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ चल रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान चाहती हैं और सरकार आज उन्हीं की समस्या दूर करने में लगी है. आम लोग भी मुख्यमंत्री की इस कार्यपद्घति की तारीफ कर रहे हैं.