रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रविवार को कांग्रेस पर सरदार पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसी महान हस्तियों को समूचित सम्मान नहीं देकर उनसे भेदभाव करने का आरोप लगाया. दास ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि जिस पार्टी ने देश पर सबसे ज्यादा वक्त तक शासन किया उसने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को भी समुचित सम्मान नहीं दिया. Also Read - दिग्विजय सिंह अमर्यादित भाषा वाले आ रहे कॉल्‍स से हुए परेशान, बंद किया मोबाइल फोन

दास ने चार दिवसीय लोक मंथन कार्यक्रम के अंतिम दिन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की मौजूदगी में कहा, ‘‘इन महान हस्तियों को उतना सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे.’’ बीआर आंबेडकर की मार्टिन लूथर किंग से तुलना करते हुए दास ने कहा कि आंबेडकर ने देश को संविधान दिया लेकिन उन्हें भारत रत्न देने के लिए विचार नहीं किया गया. उन्होंने कहा, ‘‘अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उन्हें भारत रत्न से नवाजा जो बहुत पहले मिल जाना चाहिए था.’’ Also Read - कांग्रेस ने सामूहिक पलायन पर सरकार से पूछे सवाल, कहा- गरीबों की जिंदगी मायने रखती है या नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रवाद की भावनाओं को जीवित रखने के बजाए कुछ लोग उन्हें कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. दास ने कहा कि वाम पंथ के प्रति झुकाव रखने वाले इतिहासकार देश की खराब छवि पेश करने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे वक्त में लोक मंथन कार्यक्रम में सामने आए विचार राष्ट्रवाद की संस्कृति को नई दिशा देंगे. उन्होंने कहा, ‘‘ देश में कई धर्म और संस्कृतियां रहती हैं इसलिए हम सर्व धर्म सद्भाव में विश्वास करते हैं. हमारे लिए सभी धर्म समान हैं और हमारा विश्वास सभी धर्मों में हैं.’’ Also Read - यूपी: रायबरेली में सोनिया गांधी के 'लापता' होने के लगे पोस्टर, संसदीय क्षेत्र से बाहर होने पर उठे सवाल

दास ने कहा कि भारत की परंपरा सभी धर्मों का आदर करने की है और देश की संस्कृति सबको साथ लेकर चलने की है. उन्होंने कहा कि प्रलोभन देकर बड़ी संख्या में आदिवासियों का धर्मांतरण कराया गया है. उन्होंने कहा कि इसलिए सरकार ने जबरन धर्मांतरण को एक दंडनीय अपराध बनाने वाला एक कानून बनाया है.