रांची: पूरे देश में कोरोना का मामले लगातार तेजी से बढ़ते जा रहा हैं. हालांकि वायरस की चैन तोड़ने के लिए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन जारी है. ऐसे में आने वाले समय में देश के गरीब राज्यों पर इसका खासा असर देखने को मिलेगा. हालांकि इससे निपटने के लिए राज्य पूरी तैयारी में लगे हैं. इसी बीच झारखंड उच्च न्यायालय ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए झारखंड को तत्काल दस हजार टेस्ट किट, 25 हजार पीपीई और 300 वेंटिलेटर उपलब्ध कराने के निर्देश केन्द्र सरकार को दिए हैं. Also Read - Coronavirus in Assam Update: 156 नए मामलों के साथ संक्रमितों की संख्या 500 के पार, ये जिले बने नए हॉटस्पाट

मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोरोना वायरस मामले में एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंड पीठ ने कहा कि झारखंड जैसे पिछड़े राज्य में कोरोना वायरस से निपटने के लिए संसाधन सीमित हैं. यह राज्य पूरी तरह केंद्र सरकार पर निर्भर है अतः केंद्र सरकार इसे प्राथमिकता दे और तत्काल राज्य सरकार को मदद मुहैया कराए. अदालत ने केंद्र सरकार को इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए. साथ ही 17 अप्रैल को राज्य और केंद्र सरकार को इस मामले में प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया. Also Read - कोरोना वायरस से प्रभावित टॉप 10 देशों की सूची में पहुंचा भारत, जून के अंत तक बहुत तेजी से बढ़ेंगे मामले

इसके पूर्व राज्य सरकार की ओर से उच्च न्यायालय में कोविड-19 से लड़ने की तैयारियों के बारे में रिपोर्ट पेश की गयी. इसमें कोरोना वायरस से निपटने के लिए राज्य सरकार के पास मौजूद संसाधनों की जानकारी दी गयी. अदालत को बताया गया कि राज्य में अभी पांच हजार टेस्ट किट, पांच हजार पीपीई हैं और केंद्र सरकार से तत्काल 10 हजार किट, 25 हजार पीपीई और 300 वेंटिलेटर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है. राज्य सरकार अपने सीमित संसाधनों पर ही बेहतर तरीके से काम कर रही है लेकिन केंद्र से इन संसाधनों की तत्काल आवश्यकता है. Also Read - पंजाब में कोविड-19 के 21 नए मामले सामने आये, कुल संख्या बढ़ कर 2,081 हुई

(इनपुट भाषा)