रांची: झारखंड विधानसभा चुनावों में न सिर्फ भाजपा को करारी शिकस्त मिली बल्कि उसके मुख्यमंत्री पद का चेहरा रहे रघुबर दास स्वयं जमशेदपुर पूर्वी सीट से अपने मंत्रिमंडल सहयोगी रहे भाजपा के विद्रोही सरयू राय से 16 हजार से अधिक मतों से पराजित हो गये. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्षमण गिलुवा भी अपनी चक्रधरपुर सीट पर हार गये जबकि भावी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत अन्य सभी बड़े दलों के नेता विधानसभा चुनाव में जीतने में सफल रहे.

झारखंड के मुख्यमंत्री दास अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगी रहे भाजपा के विद्रोही उम्मीदवार से जमशेदपुर पूर्वी सीट से 15,833 मतों से पराजित हो गये जबकि इससे पहले वह इसी सीट से लगातार पांच बाज विजयी रहे थे और 2014 के विधानसभा चुनावों में वह 70,157 मतों से विजयी हुए थे.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा भी चक्रधरपुर की सीट से झामुमो प्रत्याशी सुखराम उरांव से 12,234 मतों से पराजित हो गये. इसके विपरीत झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष और विजयी गठबंधन के नेता हेमंत सोरेन ने आज बरहेट और दुमका दोनों सीटों से जीत दर्ज की. हेमंत ने जहां बरहेट सीट पर भाजपा के साइमन माल्टो को 25,740 मतों से पराजित किया वहीं दुमका में उन्होंने भाजपा की मंत्री लुईस मरांडी को 13,188 मतों से पराजित कर दिया. 2014 में वह 4914 मतों से लुईस से ही चुनाव हार गये थे.

इसके अलावा सिल्ली से आज्सू के अध्यक्ष सुदेश महतो ने 20,195 मतों के भारी अंतर से झामुमो की उम्मीदवार सीमा महतो को हराकर उपचुनाव में हार का बदला चुकता किया जब वह उन्हीं से पराजित हो गये थे. इससे पूर्व 2014 में सीमा के पति झामुमो के उम्मीदवार अमित महतो ने सुदेश को 29,740 मतों से पराजित किया था.

झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने धनवार सीट से भाजपा के लक्ष्मण प्रसाद सिंह को 17,550 मतों से पराजित कर यहां से जीत हासिल की वह पिछली बार यहां से चुनाव हार गये थे. इसी प्रकार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने कांग्रेस के ही पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के उम्मीदवार सुखदेव भगत को 30,150 मतों से पराजित कर चुनाव जीता.

(इनपुट भाषा)