रांचीः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से आग्रह किया है कि कोरोना वायरस से बचाव हेतु झारखंड राज्य में 22 से 31 मार्च तक के लिए किये गये लॉकडाउन के मद्देनजर मनरेगा के तहत मिलने वाली मजदूरी बेरोजगारी भत्ते के रूप में मजदूरों के खाते में डाला जाए. Also Read - मध्य प्रदेश में 'टोटल लॉकडाउन' के बाद लागू हुआ 'एस्मा', शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी

एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने सोमवार को इस संबन्ध में केन्द्रीय मंत्री से आग्रह किया . उन्होंने कहा कि लॉक डाउन के कारण राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों विशेषकर दिहाड़ी श्रमिकों की रोजी रोटी की चिंता राज्य सरकार को है. Also Read - COVID19: UP में मास्‍क पहनना अनिवार्य हुआ, नहीं पहना तो होगी कानूनी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से कहा कि महात्मा महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार योजना(मनरेगा) के तहत मजदूरों को नियमानुसार रोजगार ना दे पाने की स्थिति में उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिए जाने का प्रावधान है. Also Read - कोरोना संकट: PM मोदी ने ऑल पार्टी मीटिंग कहा- देश में बढ़ाया जा सकता है लॉकडाउन

उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में सुझाव होगा कि बेरोजगारी भत्ता की यह राशि भारत सरकार द्वारा मजदूरी मद की राशि से मजदूरों को उनके खाते में उपलब्ध कराई जाए.