रांची. उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा उपचुनावों में भले ही विपक्षी पार्टियों के बीच एका की स्थिति न बन रही हो, लेकिन झारखंड में सभी विपक्षियों के एक मंच पर आने के हालात बनते दिख रहे हैं. आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद यूपी में भाजपा के खिलाफ सभी विपक्षी पार्टियों के एक होकर विधानसभा उपचुनाव लड़ने की बातें मीडिया में आ रही थीं. लेकिन बसपा और सपा के अलग होने के फैसले के बाद इन संभावनाओं पर विराम लग गया. वहीं, झारखंड में ऐसी स्थिति बनती दिख रही है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माने तो राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी विपक्षी पार्टी एक होकर भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं. Also Read - जेपी नड्डा का दौरा रद्द, दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल जाएंगे गृह मंत्री अमित शाह

झारखंड की विपक्षी पार्टियों ने बुधवार को विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ने पर सहमति जताई. विपक्षी पार्टियों की एक बैठक झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के घर पर हुई, जिसमें कांग्रेस, राजद व अन्य दलों के नेताओं ने भाग लिया. Also Read - अखिलेश यादव का मायावती पर हमला, अब तो साबित हो गया है कि BSP ही BJP की बी टीम है

राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार व झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएमपी) अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने बैठक में भाग नहीं लिया. बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में हेमंत सोरेन ने कहा, “हम आगामी विधानसभा चुनाव एक साथ मिलकर लड़ने पर सहमत हुए हैं. हम भाजपा सरकार को एकजुट होकर उखाड़ फेंकने पर सहमत हुए हैं.” Also Read - Bihar Polls 2020: प्याज की कीमतों को लेकर तेजस्वी का BJP पर हमला- पहले महंगाई 'डायन' थी लेकिन अब...

कांग्रेस व जेवीएम-पी के अध्यक्षों की गैरहाजिरी पर उन्होंने कहा, “वे अन्य काम में व्यस्त हो सकते हैं.” कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा, “हम सहमत हुए हैं कि पार्टियों को मौजूदा सीटें मिलेंगी. इस तरह से 32 सीटों पर पहले ही निर्णय हो गया है. हम बाकी की सीटें 2014 में पार्टियों के प्रदर्शन के आधार पर फैसला करेंगे.” कांग्रेस, झामुमो, राजद व जेवीएम-पी ने लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ा था, जिसमें झामुमो व कांग्रेस ने महज एक-एक सीट पर जीत हासिल की थी.

(इनपुट – एजेंसी)