नई दिल्ली: झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम चरण का मतदान शुक्रवार को संपन्न होने के बाद जारी एग्जिट पोल के नतीजों के मुताबिक प्रदेश में त्रिशुंका विधानसभा बनने की संभावना है जहां बाबूलाल मरांडी की अगुवाई में झारखंड विकास मोर्चा (Jharkhand Vikas Morcha) या ऑल इंडिया झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU) किंगमेकर बनकर उभर सकते हैं. विभिन्न एग्जिट पोल्स के नतीजों के अनुसार, झाविमो और आजसू 15 फीसदी मत हासिल कर सकते हैं और 2014 के चुनावी नतीजों से बेहतर कर सकते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गठबंधन की संभावना है.

एग्जिट पोल के रुझान बताते हैं कि इन दोनों दलों को करीब आठ सीटों पर बढ़त मिल सकती है. एग्जिट पोल के रुझानों के अनुसार, झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल गठबंधन को 35 सीटें मिल सकती हैं और यह गठबंधन झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या बल में कुछ सीटें से पीछे रह सकता है. उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 32 सीटें मिल सकती हैं और पार्टी सरकार बनाने के लिए आवश्यक संख्या बल हासिल करने के लिए झाविमो या आजसू पर डोरे डालने में पीछे नहीं रह सकती है.

विगत विधानसभा चुनाव 2014 में भाजपा और आजसू गठबंधन को 42 सीटों पर जीत मिली थी, इस बार आजसू नेता सुरेश महतो ने अपने पुराने साथी का पल्ला झाड़कर अकेले दम पर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया. महतो को 2014 में रांची लोकसभा सीट पर पराजय का सामना करना पड़ा था. बाद में 2018 में सिल्ली में उनको झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा था.

इन राजनीतिक घटनाक्रमों के परिप्रेक्ष्य में बाबूलाल मरांडी की अगुवाई में झाविमो का स्थान विशिष्ट है. झामुमो गठबंधन को 34.2 फीसदी मत मिलने की संभावना है जबकि भाजपा को 37.3 फीसदी मत मिल सकते हैं. पिछले विधानसभा चुनाव 2014 में झामुमो, कांग्रेस और झाविमो गठबंधन को 40.8 फीसदी वोट मिला मिले थे जबकि भाजपा और आजसू गठबंधन को 35 फीसदी मत हासिल हुए थे.

(इनपुट-आईएएनएस)