
Manoj Yadav
'बिजनेस' की खबरों में खास रुचि रखने वाले मनोज यादव को 'पॉलिटिकल' खबरों से भी गहरा लगाव है. ये इंडिया.कॉम हिंदी के बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं. इनके पास ... और पढ़ें
Jharkhand Assembly Election Result 2024: झारखंड की राजनीति में हेमंत सोरेन ने एक नया अध्याय लिखा है. यह पहली बार है जब राज्य में कोई पार्टी मजबूती के साथ सत्ता में वापसी कर रही है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व में गठबंधन को भारी बहुमत मिला है. वहीं, बीजेपी की सियासी पकड़ लगातार कमजोर होती नजर आई. आइए समझते हैं कि आखिर किन वजहों से बीजेपी फिसड्डी साबित हुई और हेमंत सोरेन कैसे बना पाए यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड.
हेमंत सोरेन ने अपनी नेतृत्व क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया. उन्होंने अपने 5 साल के कार्यकाल को आदिवासी, किसान और महिला हितों के लिए समर्पित दिखाया. इसके विपरीत, बीजेपी के पास न तो कोई लोकल नेता था और न ही कोई ठोस सीएम चेहरा.
हेमंत की लोकप्रियता 41% रही, जो बीजेपी के उम्मीदवारों की तुलना में कहीं अधिक थी.
मईयां सम्मान योजना: इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक मदद दी गई.
कल्पना सोरेन का योगदान: हेमंत की पत्नी ने 100 से ज्यादा रैलियों में महिलाओं से सीधे संवाद किया.
महिला वोटिंग में उछाल: इस बार महिलाओं का मतदान 4% बढ़ा, जो हेमंत के पक्ष में गया.
हेमंत सोरेन ने मजबूत नेतृत्व, सामाजिक योजनाओं और भावनात्मक मुद्दों के जरिए जनता का विश्वास जीता. वहीं, बीजेपी स्थानीय नेतृत्व की कमी, विभाजित वोट बैंक और कमजोर जमीनी पकड़ की वजह से हार गई. झारखंड की राजनीति में हेमंत की यह वापसी ऐतिहासिक है, जिसने बीजेपी को आत्ममंथन के लिए मजबूर कर दिया है.
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