Jharkhand, Ranchi, News Update, रांची: झारखंड की राजधानी रांची में बुधवार को भाजपा के नेता जीतराम मुंडा की मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी, जिसे लेकर केंद्री मंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत तमाम भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने के आरोप लगाए हैं. पुलिस ने बताया है कि हत्यारों की तलाश में छापेमारी जारी है, लेकिन अभी इस सिलसिले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है.Also Read - PM मोदी पांच नवंबर को केदारनाथ जाएंगे, 250 करोड़ रुपए की केदारपुरी परियोजना शुरू करेंगे

राजधानी रांची के ओरमाझी इलाके में मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी. अपराधियों ने ओरमांझी के पालू गांव स्थित एक होटल के पास जीतराम मुंडा पर हमला किया. बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और फिर फरार हो गए. घायल नेता को आनन-फानन में ओरमांझी स्थित मेदांता अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्‍टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के ग्रामीण जिलाध्यक्ष जीतराम मुंडा को उस समय निशाना बनाया गया, जब वे पार्टी की ओर से आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम में हिस्सा लेकर वापस लौट रहे थे. Also Read - देश में जनसंख्या असंतुलन बड़ी समस्या, 50 साल के लिए नीति बने: RSS चीफ मोहन भागवत

घटना की सूचना मिलते ही रांची में मौजूद अर्जुन मुंडा तत्काल अस्पताल भी पहुंचे और चिकित्सकों से बातचीत की लेकिन जीतराम मुंडा की मौत अस्पताल लाये जाने से पहले ही हो चुकी थी. हत्या को लेकर पार्टी नेताओं में भारी आक्रोश है. हत्या की खबर सुनकर अस्पताल में भाजपा नेताओं की भीड़ जमा हो गई. केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, रांची से भाजपा सांसद संजय सेठ, पूर्व मंत्री एवं विधानसभाध्यक्ष सीपी सिंह सहित कई भाजपा नेता अस्पताल पहुंचे. Also Read - 'बड़े दिल वाले नेता के समझदार शब्द', आखिर वरुण गांधी ने अब किसके खिलाफ खोल दिया है मोर्चा

इस बीच केंद्रीय मंत्री एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने भाजपा नेता की हत्या को बड़ी प्रशासनिक चूक बताया है और आरोप लगाया है कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है.

भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने पार्टी कार्यकर्ता जीतराम मुंडा की हत्या को पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताया है. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जीतराम को पहले से ही जानलेवा हमले की आशंका थी। उनपर पहले भी हमला हो चुका था, जिसकी सूचना पूरे प्रशासनिक अमले को थी. उन्होंने हथियार के लिए भी आवेदन दिया था, लेकिन प्रशासन ने न तो उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करायी और न ही लाइसेंस दिया.

भाजपा विधायक देल के नेता बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर लिखा, ”झारखंड भाजपा ने आज अपना एक सिपाही खो दिया. अनुसूचित जाति मोर्चा के युवा व ऊर्जावान जिलाध्यक्ष जीतराम मुंडा की निर्मम हत्या से मन व्यथित है.” उन्होंने कहा कि प्रशासनिक विफलता और लचर कानून व्यवस्था की कीमत भाजपा के इस सिपाही ने चुकाई है लेकिन उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा.

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड में अपराधियों का राज हो गया है. हेमंत सरकार राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी चरमरा गई है. राज्य में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई है.

भाजपा के रांची से सांसद सेठ एवं विधायक एवं पूर्व विधानसभाध्यक्ष सीपी सिंह ने कहा कि राज्य में अपराधियों का राज कायम हो गया है. यहां कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. अपराधी प्रशासन को ठेंगा दिखा कर अपराध कर रहे हैं. राज्य में कोई भी सुरक्षित नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया, ”इस राज्य में न्यायाधीश, पत्रकार, व्यापारी, सहित सभी वर्ग अपराधियों से त्रस्त हैं. राज्य में माफिया राज कायम है.