नई दिल्ली. झारखंड सरकार रक्तदान करने वाले कर्मचारियों को साल में अब 4 दिन छुट्टी देगी. सरकारी कर्मचारी जिस दिन रक्तदान करेंगे, उस दिन उन्हें दफ्तर नहीं आना होगा. रक्तदान के प्रति जागरूकता लाने के लिए राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने यह फैसला लिया है. मुख्यमंत्री रघुबर दास की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया. रक्तदान करने वाले सरकारी कर्मचारियों को अवकाश देने का प्रस्ताव राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने दिया था, जिसे सरकार ने कैबिनेट के जरिए मंजूरी दे दी है. झारखंड सरकार ने राज्य में खून की कमी को देखते हुए केंद्र की तर्ज पर यह नियम लागू करने का आदेश दिया है. सरकार के नए नियम के अनुसार जो राज्य कर्मचारी अपने कार्य दिवस के दिन रक्तदान करेंगे, उस दिन के लिए उन्हें विशेष आकस्मिक अवकाश दिया जाएगा.Also Read - Jharkhand Budget 2022: झारखंड में एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का बजट पेश, कहां कितना खर्च होगा, पढ़ें यहां

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खून की कमी को देख लिया गया फैसला

झारखंड से छपने वाले स्थानीय अखबार हिन्दुस्तान के अनुसार, झारखंड में हर साल करीब 3.5 लाख यूनिट खून की जरूरत होती है. लेकिन विभिन्न रक्तदान अभियानों के जरिए भी लगभग 1.9 लाख यूनिट ब्लड ही जमा हो पाता है. ऐसे में सरकारी और निजी अस्पतालों में खून की कमी हो जाती है. यही वजह है कि रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र की तर्ज पर कर्मचारियों को अवकाश देने का नियम लागू किया है. राज्य सरकार के नए नियम के अनुसार कार्य दिवस के दिन रक्तदान करने वाले कर्मचारियों को उस दिन के लिए छुट्टी मिलेगी. यह पूरे साल में अधिकतम चार बार रक्त दान के लिए मान्य होगा. कैबिनेट में लिए गए निर्णयों के बारे में मुख्यमंत्री रघुबर दास ने ट्वीट करके जानकारी दी है. सीएम ने अपने ट्वीट में रक्तदान पर लिए गए फैसले के अलावा अन्य कैबिनेट फैसलों के बारे में भी बताया है.

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