Mahendra Singh Dhoni announces retirement from international cricket: दो बार के विश्व कप विजेता भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहकर पिछले एक साल से उनके भविष्य को लेकर लग रही अटकलों पर विराम लगा दिया. अब धोनी ब्लू जर्सी में कभी भी नजर नहीं आएंगे. माही के संन्यास से उनके फैंस काफी उदास हैं. ऐसे में धोनी के गृह राज्य झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीसीसीआई से एक खास अपील की है.Also Read - IPL 2022: 30 नवंबर को लाइव देख सकेंगे आईपीएल रिटेंशन, जानें कहां होगा प्रसारण

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीसीसीआई से अपील की है कि माही का एक फेयरवेल मैच रांची में हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि देशवासियों का दिल अभी भरा नहीं. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “देश और झारखण्ड को गर्व और उत्साह के अनेक क्षण देने वाले माही ने आज अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले लिया है. हम सबके चहेते झारखण्ड का लाल माही को नीली जर्सी पहने नहीं देख पायेंगे. पर देशवासियों का दिल अभी भरा नहीं. मैं मानता हूँ हमारे माही का एक फ़ेयरवेल मैच राँची में हो जिसका गवाह पूरा विश्व बनेगा.” Also Read - IPL 2022: MS Dhoni को 3 साल के लिए रिटेन करेगी CSK, Rishabh Pant बने रहेंगे DC के कप्तान!

उन्होंने लिखा, “BCCI से अपील करना चाहूँगा हूँ माही का एक फेयरवेल मैच कराया जाये जिसकी मेजबानी पूरा झारखण्ड करेगा.” Also Read - IND vs NZ Test: पूर्व क्रिकेटर का बयान, जब मैं टीम में था तो ड्रेसिंग रूम में बीफ या सूअर का मांस...

बता दें कि धोनी ने भारत के लिये आखिरी मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल खेला था. विकेटों के बीच बेहतरीन दौड़ के लिये मशहूर धोनी उस तनावपूर्ण मैच में 50 रन बनाकर रनआउट हो गए थे. ‘रांची का यह राजकुमार’ हालांकि क्रिकेट के इतिहास में महानतम खिलाड़ियों में अपना नाम दर्ज करा गया है. भारत के लिये उन्होंने 350 वनडे, 90 टेस्ट और 98 टी20 मैच खेले. कैरियर के आखिरी चरण में वह खराब फार्म से जूझते रहे जिससे उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जाती रही.

उन्होंने वनडे क्रिकेट में पांचवें से सातवें नंबर के बीच में बल्लेबाजी के बावजूद 50 से अधिक की औसत से 10773 रन बनाये. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 38 . 09 की औसत से 4876 रन बनाये और भारत को 27 से ज्यादा जीत दिलाई. आंकड़ों से हालांकि धोनी के कैरियर ग्राफ को नहीं आंका जा सकता. धोनी की कप्तानी, मैच के हालात को भांपने की क्षमता और विकेट के पीछे जबर्दस्त चुस्ती ने पूरी दुनिया के क्रिकेटप्रेमियों को दीवाना बना दिया था.

वह कभी जोखिम लेने से पीछे नहीं हटे. इसलिये 2007 टी20 विश्व कप का आखिरी ओवर जोगिंदर शर्मा जैसे नये गेंदबाज को दिया जो 2011 वनडे विश्व कप के फाइनल में फार्म में चल रहे युवराज सिंह से पहले बल्लेबाजी के लिये आये. दोनों बार भारत ने खिताब जीता और धोनी देशवासियों के नूरे नजर बन गए. आईपीएल में तीन बार चेन्नई को जिताकर वह ‘थाला’ कहलाये.