रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार 10 हजार किसानों के बीच 2.5 लाख मधुमक्खी बॉक्स का वितरण करेगी जिससे न सिर्फ किसान बल्कि उनके परिवार भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें. झारखंड राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने यह घोषणा की और कहा कि किसानों के प्रशिक्षण हेतु मुख्यमंत्री लघु और कुटीर उद्यम बोर्ड ने विकास भारती और रामकृष्ण मिशन के 600 प्रशिक्षित ट्रेनरों को नियुक्त किया है जो 10 हजार किसानों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण देंगे. Also Read - कृषि विधेयकों के समर्थन में अनुपम खेर ने कहा- अब किसान आत्मनिर्भर बनेंगे

Also Read - कृषक विधेयक: आखिर क्या चाहते हैं किसान? यहां जानिए MSP को लेकर किसानों की शंकाएं और मांगें

दास ने कहा कि इससे इन किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के सपने को पूरा करने में भी इससे मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों द्वारा उत्पादित मधु को सरकार खरीद लेगी. किसानों को बाजार खोजने की जरूरत नहीं रहेगी. पहले चरण में नौ जिलों में 5-5 प्रोसेसिंग इकाई खोली जायेगी. इस मधु को प्रोसेसिंग कर ब्रांडिंग और मार्केटिंग उद्यम बोर्ड के माध्यम से की जायेगी. साथ ही पतंजलि से भी करार किया जायेगा. Also Read - राज्यसभा में दोनों कृषि विधेयक पास, पीएम मोदी बोले- अन्नदाताओं को आजादी मिली, जारी रहेगी सरकारी खरीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार सरकार लाह के लिए भी प्रोसेसिंग यूनिट लगा रही है. देश का 62 प्रतिशत लाह हमारे राज्य में पैदा होता है. इनसे उत्पाद तैयार कर बेचने पर किसानों को अच्छी आमदनी होगी. सरकार इसी दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि किसान लाह का भी उत्पादन करें. सारा लाह सरकार खरीद लेगी. सखी उद्यमी मंडल के माध्यम से इनके उत्पाद तैयार कर इनकी मार्केटिंग और ब्रांडिंग की जायेगी. वनोपज को बढ़ावा देकर हम राज्य के गरीबों के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं.

मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से खादी उत्पादों को खरीदने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि खादी मॉल के लिए एचइसी क्षेत्र में एक एकड़ जमीन खादी बोर्ड को दी जायेगी. यहां खादी से उत्पादित सामान रहेंगे. इससे रोजगार के काफी अवसर पैदा होंगे. रोजगार को बढ़ावा देने हेतु सरकार कई कंपनियों के साथ करार कर रही है.

ये भी पढ़ें- झारखंड में ASI की शर्मनाक हरकत, सरेराह दिव्यांग को लातों से पीटा

जल्द ही बीपीओ के माध्यम से 2500 नवयुवक-युवतियों को रोजगार दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने कहा था कि जब तक गरीब के चेहरे पर मुस्कान न आये, तब तक रुके नहीं. हमारी सरकार का भी यही लक्ष्य है.