रांची. लोकसभा चुनाव के बाद सांगठनिक स्तर पर संघर्ष कर रही कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी बीमारियां खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. एक तरफ जहां केंद्रीय स्तर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है. वहीं दूसरी ओर, विभिन्न प्रदेशों की पार्टी इकाइयों में भी नेताओं के आपसी विवाद, पार्टी की किरकिरी करा रहे हैं. ताजा मामला झारखंड का है, जहां के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार (Dr Ajoy Kumar) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. पूर्व आईपीएस डॉ. अजय कुमार ने अपने इस्तीफे में खुलकर झारखंड के पुराने और दिग्गज कांग्रेसियों पर आरोप लगाए हैं. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को भेजे अपने इस्तीफे में अजय कुमार ने कहा है कि पुलिस सेवा में रहने के अनुभव के आधार पर वह कह सकते हैं कि खराब से खराब अपराधी भी झारखंड के कुछ कांग्रेस नेताओं से बेहतर दिखते हैं.

झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार (Dr Ajoy Kumar) ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय समेत अनेक कांग्रेसी नेताओं पर अपने खिलाफ साजिश रचने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दिया. कांग्रेस प्रवक्ता किशोरनाथ शाहदेव ने बताया कि अजय कुमार ने तीन पृष्ठों के अपने इस्तीफे में पार्टी के नेताओं सुबोधकांत सहाय, पूर्व सांसद चंद्रशेखर दूबे, प्रदीप बालमुचू और फुरकान अंसारी पर कई आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि ये सारे नेता अपने गुर्गों और सहयोगियों के साथ मिलकर पार्टी में राजनीतिक पदों पर कब्जा करने और अपने भाई भतीजों को आगामी चुनाव में विधानसभा टिकट दिलाने के लिए दबाव बना रहे थे जिसके सामने वह झुक नहीं सकते.

उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में हुए हाल के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को 2014 के लोकसभा चुनावों के मुकाबले 12 प्रतिशत अधिक मिले जो इन मौकापरस्तों को भा नहीं रहा है. लोकसभा चुनावों में राज्य की चौदह सीटों में से कांग्रेस ने सिर्फ एक सीट गीता कोड़ा को लड़ाकर जीती थी. उसके बाद से ही राज्य में लगातार तमाम कांग्रेसी नेता अजय कुमार (Dr Ajoy Kumar) को तत्काल प्रभाव से प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने की मांग कर रहे हैं.