रांची: झारखंड विधानसभा के लिए पांच चरणों में चुनाव संपन्न होने के बाद शुक्रवार को आए एग्जिट पोल के नतीजों में किसी भी एक दल की सरकार बनती नहीं दिख रही है और भाजपा के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने की संभावना है. ‘आज तक’ ने अपने एग्जिट पोल में दावा किया कि भाजपा को सिर्फ 22 से 32 सीटें मिलेंगी वहीं, झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन को 38 से 50 तक सीटें मिलेंगी.

इस सर्वेक्षण के मुताबिक, बीजेपी की सहयोगी रही आज्सू को तीन से पांच सीटें, झारखंड विकास मोर्चा (प्र) को दो से चार सीटें मिलेंगी. अन्य छोटी पार्टियों और निर्दलीयों के खाते में चार से सात सीटें जाने की बात कही गई हैं.

झारखंड में 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच कुल पांच चरणों में आज 81 विधानसभा सीटों के लिए मतदान का काम पूरा हो गया. 23 दिसंबर को मतगणना होगी.

सीएम के रूप में हेमंत सोरेन पहली पसंद
आज तक के मुख्यमंत्री पद के लिए सर्वेक्षण में झामुमो नेता हेमंत सोरेन को 29 प्रतिशत लोगों की पसंद बताया गया है, वहीं भाजपा नेता और वर्तमान मुख्यमंत्री रघुवर दास को 26 प्रतिशत लोगों की पसंद बताया गया है.

एबीपी-सी वोटर्स: झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन को 35, बीजेपी को 32 सीटें
एबीपी-सी वोटर्स के एग्जिट पोल में जहां झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन को 35 सीटें मिलने की बात कही गई है, वहीं, बीजेपी को 32 सीटें मिलने की संभावना व्यक्त की गई है.
आज्सू-झाविमो और अन्‍य को इतनी सीटें
इस सर्वेक्षण ने आज्सू को पांच, झाविमो को तीन एवं निर्दलीय तथा अन्य को छह सीटें मिलने की बात कही है.

चैनल न्यूज11 भारत- बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी
झारखंड के स्थानीय चैनल न्यूज 11 भारत ने अपने सर्वेक्षण
– बीजेपी को 30 से 35 सीटें
-झारखंड मुक्ति मोर्चा को 17 से 22 सीटें
– कांग्रेस को नौ से बारह और आज्सू को आठ से बारह
– झाविमो(प्र) को चार से छह सीटें मिलने का अनुमान
– इस एग्जिट पोल में छोटे दलों तथा निर्दलीयों को  8 से 10 सीटें मिलने की संभावना

भाजपा-आज्सू का फिर हो सकता है गठबंधन
यदि एबीपी-सी वोटर्स का सर्वेक्षण सही साबित होता है तो उसके अनुसार राज्य में एक बार फिर भाजपा-आज्सू की सरकार का भी गठन हो सकता है, राज्य की पिछली सरकार भी इन्हीं दलों ने मिलकर गठित की थी.

पिछले विधानसभा में यह थी स्थिति
साल 2014 के विधानसभा चुनाव
– विधानसभा में कुल 81 सीटें
– बीजेपी 37 सीटें मिली थीं
– आज्सू को 5 सीटें
– झामुमो को 19 सीटें
– कांग्रेस को 6
– झाविमो को 8 सीटें
– अन्य दलों एवं निर्दलीयों को छह सीटें मिली थीं
– झाविमो के छह विधायक दल बदल कर बीजेपी में शामिल हो गए थे
– बाद में झाविमो के पास महज दो सीटें रह गई थीं