रांची: झारखंड के वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने मंगलवार को कहा कि जीवन के साथ जीविका भी चाहिए, क्योंकि आधुनिक परिस्थिति में जीविका के बिना जीवन पर भी संकट आना स्वभाविक है जिसे देखते हुए आर्थिक गतिविधियों को गति देने की कोशिश निरंतर जारी है.Also Read - भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी सलीमा के घर में टीवी तक नहीं था, सरकार ने भेजा, तब परिवार देख पाया मैच

प्रदेश कांग्रेस प्रमुख उरांव ने कहा, ‘‘लॉकडाउन-3 के बाद कुछ अन्य रियायत और छूट देने के संबंध में प्रधानमंत्री का निर्देश सुनने के बाद उसी के अनुरूप झारखंड सरकार फैसला लेगी.’’ Also Read - Coronavirus cases In India: 1 दिन में कोरोना से 464 लोगों की हुई मौत, 44 हजार से अधिक लोग हुए संक्रमित

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से निर्माण कार्यां में छूट दी गयी थी, लेकिन निर्माण कार्य के लिए जरूरी सीमेंट और छड़ को लेकर कठिनाई हुई, अब और अधिक छूट मिलने की उम्मीद है, ताकि निर्माण कार्य में तेजी आ सके. उन्होंने कहा कि हालांकि इन छूट के बावजूद आवश्यक एहतियात बरतना जरुरी है. Also Read - Covishield वैक्सीन पर जल्द ही लिया जा सकता है फैसला, 2 डोज के बीच फिर कम हो सकता है गैप

वित्त मंत्री ने कहा कि देश एक बड़ी समस्या का सामना कर रहा है और सभी लोगों को मिलकर इससे लड़ना होगा. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार अपनी पूरी कोशिश में लगी हुई है कि किस तरह से इससे निपटा जाए.

उन्होंने कहा कि फिलहाल हम धीरे धीरे हालात को नार्मल बनाने की तरफ बढ़ रहे हैं ताकि आर्थिक गति प्रदान हो जिससे राज्य को भी कमाई का साधन प्राप्त हो और दूसरे कामों पर ध्यान दिया जाए. उन्होंने कहा कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्र सरकार इस तरफ विशेष ध्यान देगी.

मंत्री उरांव ने कहा कि झारखंड एक ऐसा राज्य है जिससे देश को काफी मात्रा में मिनरल्स प्राप्त होते हैं और इस समय यह एक गहरे संकट में है ऐसे में हमें केंद्रसरकार से मदद की भी उम्मीद है.