रांची: झारखंड सरकार ने लॉकडाउन-4 में राज्य में दी गई विभिन्न छूटों में से आवश्यक एवं गैर आवश्यक वस्तुओं के ई-कॉमर्स की छूट को वापस ले लिया है. हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया है कि पहले की तरह राज्य के भीतर की ई-कॉमर्स की अन्य गतिविधियां यथावत चलती रहेंगी. Also Read - इन तीन राज्‍यों में जाने वाले ट्रेनों के यात्री ध्‍यान दें, स्‍टॉपेज में किए गए हैं बदलाव

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कोरोना वायरस पर राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में इस आशय का संशोधन बुधवार को किया गया. नया संशोधित आदेश जारी करते हुए सचिवालय ने बताया कि समिति के फैसले के अनुसार अब आवश्यक एवं गैर आवश्यक वस्तुओं के ई-कामर्स की राज्य में लॉकडाउन में अनुमति नहीं होगी. Also Read - IRCTC 200 Trains List and Stoppage Between Stations: कल से चलेंगी 200 ट्रेन, देखें किस गाड़ी का कहां पर कितनी देर है स्टॉपेज

इससे पूर्व सोमवार को राज्य सरकार ने औद्योगिक गतिविधियों, निर्माण कार्यों, टैक्सी, शराब की दुकानों, किताबों और स्टेशनरी की दुकानों, मोबाइल, टीवी, एयरकंडीशनर आदि आवश्यक सेवाओं के सर्विस सेंटर, ई-कामर्स, निजी कार्यालयों और किसानों की सभी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से चालू करने की अनुमति दे दी थी. Also Read - लेह से रांची पहुंचे 60 प्रवासी मजदूर, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने हवाई अड्डे पर किया स्वागत

हर 20 किमी पर प्रवासी राहगीरों होगी सामुदायिक रसोई: मुख्यमंत्री
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को यहां घोषणा की कि प्रवासी राहगीरों के लिए राज्य की सीमा में राजमार्ग पर प्रत्येक 20 किलोमीटर पर सामुदायिक रसोई खोले जाएंगे. सीएम ने आज यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि इस तरह के सामुदायिक रसोई को जिला प्रशासन के सहयोग से चलाया जाएगा.

रसोई खोलने के लिए 94 स्थानों को चिह्नित
अभी तक ऐसे रसोई खोलने के लिए 94 स्थानों को चिह्नित किया जा चुका है. इनमें निःशुल्क भोजन और पानी की व्यवस्था की जाएगी. इन स्थानों पर एकत्रित लोगों को पास के सुरक्षित शिविर में ले जाया जाएगा ताकि इन्हें वाहन से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा सके.

महामारी संकट में लोगों को मानवता नहीं खोनी चाहिए
सीएम ने कहा, ‘‘झारखंड के साथ-साथ दूसरे राज्य के लोग जो झारखण्ड में फंसे हैं अथवा झारखंड से गुजरकर अपने राज्य जा रहे हैं, उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचने में भी हमारी सरकार सहायता कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व में जारी महामारी संकट में लोगों को मानवता नहीं खोनी चाहिए. झारखंड के लोगों को इंसानियत और सौहार्द का दुनिया के सामने उदाहरण बनना चाहिए.