रांची. झारखंड उच्च न्यायालय ने शहर के प्रमुख चौराहों पर बायीं तरफ लाल सिग्नल रखे जाने को गलत बताया और यातायात पुलिस अधीक्षक को इसे हरा रखने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति राजेश कुमार की पीठ ने बृहस्पतिवार को इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए यातायात पुलिस अधीक्षक को इस आशय का निर्देश दिया. अदालत ने कहा कि चौक की बायीं तरफ से जाने वाली सड़क पर लाल सिग्नल रखने का कोई औचित्य नहीं है. बायीं लेन को हमेशा गतिशील रखा जाना चाहिए. ट्रैफिक पुलिस को इस पर विचार करना चाहिए. एंबुलेंस के लिए भी बायीं तरफ का ही रास्ता सुरक्षित रखा जाना चाहिए. सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि शहर के ऑटो, ई-रिक्शा और एंबुलेंस चालकों को प्रशिक्षण देने की जरूरत है. उन्हें यह बताना होगा कि वाहन कैसे चलाएं और कहां पार्क करें. Also Read - झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा- किसके आदेश से लालू को रिम्स निदेशक के बंगले में शिफ्ट किया गया

पीठ ने यह भी कहा कि सभी चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल के लिए एक ही स्टैंडर्ड समय नहीं हो सकता. ट्रैफिक पुलिस को डाटा तैयार कर उन चौक और इलाकों में वाहनों के बोझ का पता लगाना होगा. पीठ ने कहा कि शहर में कई चौराहों पर सड़क पार करते ही डिवाइडर आ जाता है. रात में डिवाइडर दिखाई नहीं देता जिससे दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. वहां बिजली और साइन बोर्ड लगाना चाहिए. Also Read - फिर से बड़ी मुसीबत में फंसने वाले हैं Lalu Prasad Yadav, झारखंड हाईकोर्ट पहुंचा मामला, जानिए

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