रांची. झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से नियोजन नीति पर 14 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का बृहस्पतिवार को निर्देश दिया. राज्य की नियोजन नीति को चुनौती वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने सरकार को 14 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मुख्य न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति रत्नाकर भेंगरा की अदालत ने सोनी कुमारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. Also Read - फिर से बड़ी मुसीबत में फंसने वाले हैं Lalu Prasad Yadav, झारखंड हाईकोर्ट पहुंचा मामला, जानिए

सरकार को संविधान के अनुच्छेद 16 के तहत जवाब दाखिल कर यह बताने को कहा गया है कि यह नीति किसी के साथ भेदभाव करने वाली है या नहीं. अदालत ने सरकार को शपथ पत्र के माध्यम से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा गया है. याचिका में सरकार की उस नीति को चुनौती दी गई है जिसके तहत गैर अनुसूचित जिले के लोग अनुसूचित जिले की नौकरी के लिए आवेदन नहीं दे सकते. जबकि अनुसूचित जिले के लोगों को गैर अनुसूचित जिले की नौकरियों के लिए आवेदन देने का प्रावधान रखा गया है. Also Read - Lalu Prasad Yadav Bail Petition: दिवाली-छठ पर जेल से बाहर नहीं आएंगे राजद सुप्रीमो लालू यादव, सुनवाई इस तारीख तक टली

अदालत को बताया गया कि सरकार ने 24 में से 13 जिलों को अनुसूचित और 11 को गैर अनुसूचित जिले में शामिल किया है. प्रार्थी के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि शिक्षक नियुक्ति के लिए प्रार्थी ने अनुसूचित जिले के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उनका आवेदन यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया गया कि वह गैर अनुसूचित जिले की रहने वाली हैं और अनुसूचित जिले की नौकरी के लिए वह आवेदन नहीं दे सकतीं. प्रार्थी ने इसे संविधान के प्रावधानों के विपरित बताया है. Also Read - Jharkhand: आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मंत्री हरिनारायण राय को हाई कोर्ट ने दिया झटका