रांची: देवघर-दुमका चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव को बड़ा झटका लगा है. झारखंड हाईकोर्ट ने घोटाले से संबंधित सभी तीनों मामले में उनकी जमानत याचिकाएं गुरुवार को को खारिज कर दिया. मामले में अब सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत मिलने पर ही वह जेल से बाहर आ सकेंगे.

न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह ने लालू प्रसाद की जमानत याचिकाओं को खारिज करने का फैसला सुनाया. लालू प्रसाद की जमानत याचिकाओं पर अदालत ने चार जनवरी को सुनवाई पूरी की थी.

लालू प्रसाद ने देवघर-दुमका चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में जमानत की गुहार लगाई थी. इस फैसले से 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार की तैयारी कर रहे राजद को बड़ा झटका लगने की आशंका है, क्योंकि पार्टी के स्टार प्रचारक लालू प्रसाद के अब बिरसा मुंडा जेल में रहने की संभावना बढ़ गई है.

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद करोड़ों रुपए के चारा घोटाला के मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद दिसंबर 2017 से रांची जेल में बंद हैं. हालांकि अभी रांची के रिम्स में वे अपना इलाज करवा रहे हैं.  लालू ने 11दिसंबर को हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करके चारा घोटाला मामले से जुड़े तीन मामलों में जमानत देने की मांग की थी. इन मामलों में उन्हें दोषी ठहराया गया था. लालू ने जमानत के लिए अपनी बढ़ती उम्र और गिरते स्वस्थ्य का हवाला दिया था.