रांची/कोलकाता. भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) कार्यकर्ताओं द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार के मजदूरों को झारखंड के दुमका जिले में स्थित मसानजोर बांध की दीवारें रंगने से रोकने के बाद झारखंड की मंत्री लुईस मरांडी (Louis Marandi) ने आज बैराज की तरफ देखने का दुस्साहस करने वालों की ‘आंखें निकाल लेने’ की धमकी दी. झारखंड की अल्पसंख्यक कल्याण और महिला एवं बाल विकास मंत्री ने यह भी कहा कि वह पश्चिम बंगाल सरकार के ‘किसी भी गलत काम को बर्दाश्त’ नहीं करेंगी. राज्य की भाजपा सरकार ने बांध के झारखंड में होने का हवाला देते हुए बांध को सफेद और नीले रंगों में रंगने की पश्चिम बंगाल सरकार की कोशिश पर तीन अगस्त को आपत्ति जताई थी. बता दें कि पहले भी लुईस मरांडी ने मसानजोर डैम को रंगने को लेकर विरोध जताया था. उन्होंने कहा था कि मसानजोर डैम झारखंड का है. पश्चिम बंगाल सरकार इसे अपनी पसंद के रंग में रंग रही है, इसका हम विरोध करेंगे. मंत्री ने कहा था कि उन्होंने यह मुद्दा पीएम नरेंद्र मोदी के सामने भी उठाया था.Also Read - Assam-Mizoram Border Dispute: पीएम नरेंद्र मोदी आज असम के सांसदों से करेंगे मुलाकात, शांति स्थापित करने का है प्रयास

Also Read - CBI probe In ADJ Uttam Anand Murder Case: झारखंड सरकार ने जज की मौत की जांच CBI को सौंपने की अनुशंसा की

बंगाल के पंचायत चुनाव में जीते भाजपा नेता भागकर पहुंचे झारखंड Also Read - PM Modi की आलोचना वाले पोस्टरों को बताया 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता', SC पहुंचा तो पड़ी फटकार

सीएम को दी जानकारी, समझौता सार्वजनिक करने की मांग

लुईस मरांडी ने अपने बयान में कहा, ‘अगर किसी ने मसानजोर बांध की तरफ आंख उठाकर देखा तो हम उसकी आंखें निकाल लेंगे.’ उन्होंने कहा कि झारखंड का गठन 2000 में हुआ था. झारखंड बिहार से अलग कर बनाया गया था. बांध झारखंड में है. जब उसका निर्माण हुआ था, दुमका के 144 गांवों के लोग विस्थापित हुए थे. मंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री रघुबर दास को विषय से अवगत करा दिया है. लुईस ने यह भी मांग की कि ‘बांध को लेकर पश्चिम बंगाल और अविभाजित बिहार की सरकारों के बीच हुए समझौते को सार्वजनिक करना चाहिए.’ उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार के मजदूरों के बगैर अनुमति झारखंड में प्रवेश करने पर भी सवाल उठाया. लुईस मरांडी ने कहा कि मजदूरों को दुमका प्रशासन से मंजूरी लिए बिना इलाके में नहीं आना चाहिए था.

पश्चिम बंगाल सरकार ने किया विरोध

मसानजोर डैम को रंगने के मामले पर दुमका से भाजपा की विधायक लुईस मरांडी के बयान पर पश्चिम बंगाल सरकार ने भी जवाब दिया है. पश्चिम बंगाल के सिंचाई मंत्री सोमेन महापात्र ने जवाब में कहा कि बांध का प्रबंधन उनकी सरकार करती है और किसी को मजदूरों को काम करने से रोकने का ‘कोई अधिकार नहीं है.’ महापात्र ने झारखंड की मंत्री के बयान की निंदा करते हुए कहा कि लुईस की टिप्पणी असभ्य है और पश्चिम बंगाल के लोग भाजपा शासित राज्य के नेताओं की धमकाने की रणनीतियों का माकूल जवाब देंगे. बता दें कि झारखंड के दुमका जिले में स्थित मसानजोर बराज मयूराक्षी नदी पर बना हुआ है. इस बांध का निर्माण वर्ष 1955 में किया गया था.

(इनपुट – एजेंसी)

झारखंड की और खबरों के लिए पढ़ते रहें India.com